Global Passport Index: 125वें स्थान पर पहुंचा भारत, अमेरिका टॉप-10 से बाहर; पाकिस्तान का बुरा हाल
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत 125वें स्थान पर पहुंच गया है। जानें क्यों कमजोर हुआ भारतीय पासपोर्ट और टॉप-10 की रेस से कैसे बाहर हुआ अमेरिका। पूरी लिस्ट यहाँ देखें।
ग्लोबल सिटिजन सॉल्यूशन (GCS) की 5वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर आ गया है। इस रैंकिंग में कुल 197 देशों को शामिल किया गया था, जिसमें भारत का कंपोजिट स्कोर 45.1 दर्ज किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार अमेरिका भी टॉप-10 की रेस से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गया है।
वीजा-फ्री एंट्री और मोबिलिटी स्कोर
आमतौर पर पासपोर्ट रैंकिंग सिर्फ वीजा फ्री ट्रैवल पर तय होती है, लेकिन ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में ग्लोबल मोबिलिटी (50%), निवेश क्षमता (25%) और जीवन की गुणवत्ता (25%) को आधार बनाया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत फिलहाल भूटान, नेपाल और ट्यूनीशिया सहित 26 देशों के नागरिकों को वीजा फ्री एंट्री देता है। वहीं, भारतीयों को अमेरिका, यूके और जर्मनी जैसे 88 देशों में यात्रा के लिए अब भी वीजा की जरूरत पड़ती है। 2021 के मुकाबले भारत का मोबिलिटी स्कोर 18 से सुधरकर 23 तो हुआ है, लेकिन अन्य देशों के तेजी से बढ़ते ट्रैवल एक्सेस के कारण भारत ओवरऑल रैंकिंग में पीछे रह गया।
टॉप देश और पड़ोसियों का हाल
इस इंडेक्स में स्वीडन सबसे टॉप पर है, जिसके बाद स्विट्जरलैंड और फिनलैंड का नंबर आता है। एशिया से टॉप-10 में जगह बनाने वाला एकमात्र देश सिंगापुर है। वहीं भारत के पड़ोसियों की बात करें तो चीन 104वें, नेपाल 164वें और बांग्लादेश 166वें स्थान पर हैं। पाकिस्तान इस सूची में बेहद खराब प्रदर्शन के साथ 188वें पायदान पर है। दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में सोमालिया, सीरिया और यमन जैसी जगहें शामिल हैं।



