वाराणसी में CM योगी का बड़ा खुलासा: मूर्ति तोड़ने की खबर झूठी, AI से गढ़ा गया नैरेटिव
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर वायरल एआई तस्वीरों को साजिश बताया। काशी के विकास, काशी विश्वनाथ धाम और 55 हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया उल्लेख।

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में काशी को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित भ्रम और भ्रामक दावों पर कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई टूटी मूर्तियों की तस्वीरें वायरल की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशी अविनाशी है और काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी तथा प्रत्येक भारतवासी की गहरी श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान और विकास मिलना चाहिए था, वह लंबे समय तक नहीं मिल सका। आज़ादी के बाद समग्र विकास के कार्यक्रमों को वह महत्व नहीं मिला, जिसकी काशी हकदार थी।
उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसका संवर्धन किया है। साथ ही, भौतिक विकास के माध्यम से काशी ने नई ऊंचाइयों को छुआ है और आज उसे एक नई वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि काशी का प्रतिनिधित्व संसद में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। प्रारंभ से ही उनका स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि काशी की पुरातन आत्मा को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक स्वरूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। इसी सोच के तहत बीते वर्षों में काशी के लिए योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए गए।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि काशी के लिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। ये परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य काशी में नए संस्थानों की स्थापना, परंपरागत उत्पादों को जीआई टैग के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाना और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इन सभी क्षेत्रों में युद्धस्तर पर कार्य हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले काशी की गलियों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। काशी विश्वनाथ धाम के विकास से पहले प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या औसतन 5 हजार से 25 हजार तक सीमित रहती थी, जो आज सवा लाख से डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यह संख्या 6 से 10 लाख तक पहुंच जाती है। केवल पिछले वर्ष ही 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन किए।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के बाद अब तक काशी ने देश की जीडीपी में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इससे गाइड, पुरोहित, व्यापारी, होटल, रेस्टोरेंट, नाविक, टैक्सी और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के व्यापक अवसर सृजित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आज काशी की सभी प्रमुख सड़कें फोर-लेन कनेक्टिविटी से जुड़ चुकी हैं। यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। साथ ही, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी नई रेल सेवाएं शुरू हुई हैं। एयर कनेक्टिविटी का भी विस्तार हुआ है और देश में पहली बार वाराणसी से हल्दिया तक इनलैंड वॉटरवे विकसित किया गया है, जिससे व्यापार और परिवहन के नए द्वार खुले हैं।




