राजनीतिक

राजनीतिक घमासान तेज: सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल प्रशासन पर वोटर वेरिफिकेशन में गड़बड़ी का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल में SIR के बीच सुवेंदु अधिकारी ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेराफेरी का आरोप लगाया। ADM के कथित निर्देशों पर चुनाव आयोग से जांच की मांग।

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेराफेरी कराने के लिए अधिकारियों को गैर-कानूनी निर्देश दिए जा रहे हैं, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) और प्रशासन के कथित गठजोड़ को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर साझा किया स्क्रीनशॉट

सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि SIR प्रक्रिया में “चौंकाने और बेशर्म टीएमसी-ममता प्रशासन का गठजोड़” सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) की ओर से भेजा गया एक कथित व्हाट्सएप संदेश, चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के पीछे की वास्तविकता उजागर करता है।

‘नॉट वेरिफाइड’ विकल्प न चुनने के निर्देश का आरोप

नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, कथित संदेश में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में ‘नॉट वेरिफाइड’ विकल्प पर क्लिक न किया जाए। किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति में मामले को वरिष्ठ अधिकारियों या ओसी इलेक्शन के समक्ष रखने को कहा गया है, साथ ही प्रतिदिन 3000 वेरिफिकेशन का लक्ष्य पूरा करने का दबाव भी बनाया गया है।

वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेराफेरी का दावा

भाजपा नेता ने इसे वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सीधा और गैर-कानूनी हस्तक्षेप करार दिया। उनका आरोप है कि अधिकारियों को जानबूझकर ‘नॉट वेरिफाइड’ मार्क न करने के लिए कहा जा रहा है, भले ही वास्तविक सत्यापन न हुआ हो। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग है, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर अयोग्य मतदाताओं और फर्जी प्रविष्टियों को बचाना है।

ममता सरकार पर चुनाव आयोग के आदेशों को कमजोर करने का आरोप

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार, भारत का चुनाव आयोग द्वारा पारदर्शी और साफ मतदाता सूची सुनिश्चित करने के निर्देशों को कमजोर करने के लिए जिला प्रशासन का उपयोग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक SIR प्रक्रिया से कथित चुनावी अनियमितताएं उजागर होने का डर सत्ताधारी पार्टी को सता रहा है।

उच्च-स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वह इस प्रकार के अनौपचारिक प्रशासनिक दबाव के पैटर्न का तत्काल संज्ञान ले। उन्होंने ADM सहित ऐसे सभी अधिकारियों की भूमिका की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की, जो कथित गैर-कानूनी निर्देश जारी करने या उनका पालन करने में शामिल हैं। साथ ही, लोकतंत्र को कमजोर करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button