उत्तर प्रदेश दिवस पर विशेष पहल: पीएम मोदी व सीएम योगी में भावनात्मक संवाद
उत्तर प्रदेश दिवस 2026 पर पीएम मोदी और सीएम योगी के पत्राचार से डबल इंजन सरकार की एकजुटता दिखी। विकसित भारत में यूपी की निर्णायक भूमिका पर जोर।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुआ आत्मीय और भावपूर्ण पत्राचार इस बात का सशक्त प्रमाण बना कि डबल इंजन सरकार में केंद्र और राज्य एकीकृत कार्यशैली के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में दोनों सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।
विश्वास और सम्मान से भरा प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक भूमिका और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजबूत स्तंभ बताते हुए कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, पर्यटन और औद्योगिक विकास में हो रही प्रगति को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश केवल जनसंख्या के लिहाज से बड़ा राज्य नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति के बल पर देश के विकास को नई गति देने वाला प्रमुख राज्य है।
मुख्यमंत्री योगी का उत्तर: साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के संदेश को उत्तर प्रदेश दिवस–2026 के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में पढ़कर सुनाया और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की।
अपने उत्तर पत्र में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सुशासन, गरीब कल्याण, अंत्योदय और आत्मनिर्भरता के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीते वर्षों में प्रदेश की बदली हुई छवि केंद्र–राज्य के विश्वासपूर्ण सहयोग का प्रत्यक्ष परिणाम है।
डबल इंजन सरकार की कार्य संस्कृति
मुख्यमंत्री ने पत्र में डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और सौभाग्य योजना जैसी केंद्रीय पहलों के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना है—जो केंद्र और राज्य दोनों की साझा प्राथमिकता है।
सांस्कृतिक विरासत और विकास का संतुलन
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री—दोनों के संदेशों में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का विशेष उल्लेख रहा। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और बौद्ध स्थलों के विकास के साथ पर्यटन को नई दिशा मिली है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में विकास की अवधारणा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण के साथ आगे बढ़ रही है।
विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी दोनों इस बात पर एकमत हैं कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में हो रही प्रगति इसी साझा दृष्टि का परिणाम है।
उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हुआ यह संवाद केवल औपचारिक शुभकामनाओं का आदान–प्रदान नहीं, बल्कि उस साझा संकल्प की घोषणा है, जिसमें केंद्र और राज्य एक साथ कदमताल करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।




