योगी के बाद अब डिप्टी CMs की बारी, RSS संग बैठकों से गरमाई UP की राजनीति
UP Election 2027 को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ में CM योगी और दोनों डिप्टी सीएम से मुलाकात की। हिंदुत्व एजेंडा, सामाजिक समीकरण और संगठन-सरकार समन्वय पर रणनीति बनने के संकेत।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी की जीत की हैट्रिक के लक्ष्य के बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत खुद मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं। गोरखपुर प्रवास के बाद लखनऊ पहुंचे भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीब 40 मिनट तक मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से अलग-अलग बैठक की। इन बैठकों को संगठन और सरकार के समन्वय के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
योगी-भागवत की मुलाकात के सियासी मायने
निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में हुई इस बैठक को भले ही आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में बताया जा रहा हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे 2027 के चुनावी रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि बैठक में:
- प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति
- हिंदुत्व एजेंडा
- संगठन-सरकार समन्वय
- आगामी चुनावी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
डिप्टी सीएम के साथ अलग-अलग बैठक
गुरुवार को मेरठ रवाना होने से पहले मोहन भागवत ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से भी मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक इन बैठकों में:
- जातिगत राजनीति के प्रभाव को कम करने
- सामाजिक समरसता बढ़ाने
- हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हिंदू वोट बैंक पर फोकस क्यों?
हाल के दिनों में यूजीसी बिल और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों ने सियासी हलचल बढ़ाई है। माना जा रहा है कि:
- हिंदू वोटों के बंटवारे की आशंका
- विपक्ष की पीडीए रणनीति
- को देखते हुए बीजेपी और आरएसएस नए सामाजिक समीकरणों पर काम कर रहे हैं।
‘जाति से ऊपर हिंदू पहचान’ का संदेश
मोहन भागवत लगातार जाति से ऊपर उठकर खुद को हिंदू बताने की बात करते रहे हैं। इसे 2027 के चुनाव से पहले सामाजिक एकता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
संगठन-सरकार तालमेल पर जोर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें:
- आरएसएस और बीजेपी के बीच समन्वय मजबूत करेंगी
- चुनावी रणनीति को धार देंगी
- प्रदेश स्तर पर कैडर को स्पष्ट संदेश देंगी




