बिलासपुर के छात्रों को गौरव: संसद में बजट चर्चा में करेंगे विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व
केंद्रीय बजट 2026-27 पर संसद भवन में होने वाली राष्ट्रीय चर्चा में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो एमबीए छात्र रवि कुमार यादव और प्रगति राज को भागीदारी का अवसर मिला है।

बिलासपुर. केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026) से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श में बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों को भागीदारी का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग के छात्र रवि कुमार यादव और प्रगति राज संसद भवन में आयोजित बजट चर्चा कार्यक्रम में शामिल होंगे।
एक फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट
देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट एक फरवरी को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रस्तुत किया जाएगा। बजट प्रस्तुति के बाद एक विशेष चर्चा कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें देश के चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है।
मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों का चयन
- इसी क्रम में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से दो विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
- रवि कुमार यादव एमबीए (फाइनेंस मार्केटिंग) के अंतिम सेमेस्टर के छात्र हैं।
- प्रगति राज एमबीए (फाइनेंस) के अंतिम सेमेस्टर की छात्रा हैं।
- दोनों विद्यार्थी संसद की दीर्घा से बजट प्रस्तुति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे।
नीति आधारित सत्रों में लेंगे भाग
बजट प्रस्तुति के बाद आयोजित सत्रों में दोनों छात्र शिक्षा, वित्त, कौशल विकास और आर्थिक नीतियों से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चाओं में भाग लेंगे। इससे उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अवसर मिलेगा।
चयन की प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुछ दिन पहले दिल्ली से इस संबंध में विश्वविद्यालय को सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद कुलसचिव डॉ. अश्वनी दीक्षित की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई। समिति द्वारा मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों के साक्षात्कार लिए गए और योग्य छात्रों के नाम दिल्ली भेजे गए।
अंतिम चयन दिल्ली स्तर पर
दिल्ली स्तर पर हुई अंतिम चयन प्रक्रिया के बाद रवि कुमार यादव और प्रगति राज का चयन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह अनुभव विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
छात्रों के लिए नया और व्यावहारिक अनुभव
बजट चर्चा कार्यक्रम में भागीदारी विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। इससे उन्हें देश की आर्थिक नीतियों, बजटीय प्राथमिकताओं और निर्णय प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।
“मेरे लिए यह यादगार अनुभव होगा” : रवि
रवि कुमार यादव ने कहा कि संसद भवन में बजट प्रस्तुति देखना और उस पर चर्चा का हिस्सा बनना उनके लिए यादगार अनुभव होगा। उन्होंने बताया कि वे बजट से जुड़े आर्थिक संकेतकों, फाइनेंशियल मार्केट्स और नीतिगत फैसलों पर विशेष तैयारी कर रहे हैं। यह अवसर उन्हें पढ़ाई में सीखे गए सिद्धांतों को वास्तविक नीति प्रक्रिया से जोड़ने का मौका देगा।
“नीति निर्माण को समझने का अवसर” : प्रगति
प्रगति राज ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की प्राथमिकताओं का आईना होता है। वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन से जुड़े प्रावधानों पर विशेष ध्यान देंगी। उनके अनुसार, इस चर्चा में भागीदारी से नीति निर्माण को समझने और अपने विचार रखने का आत्मविश्वास मिलेगा।
प्रमुख संस्थानों से हुआ चयन
बजट सत्र के लिए गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश, आईआईएम बोधगया, आईआईएम अहमदाबाद (गुजरात) और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी अवसर मिला है। प्रारंभ में इस कार्यक्रम में देशभर के कुलपतियों को आमंत्रित किया गया था, हालांकि बाद में इसमें आंशिक फेरबदल किया गया।
प्रदेश और विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण
कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि बजट 2026-27 से शिक्षा और अनुसंधान को लेकर ठोस प्रावधानों की उम्मीद है। उच्च शिक्षा में शोध अनुदान, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कौशल विकास पर निवेश समय की आवश्यकता है। एमबीए छात्र रवि कुमार यादव और प्रगति राज का चयन विश्वविद्यालय और प्रदेश—दोनों के लिए गौरव का विषय है तथा यह छात्रों की गुणवत्ता और तैयारी का प्रमाण है।




