दिल्लीराज्य

डिजिटल सबूतों से खुली पोल, तुर्कमान गेट हिंसा में 30 पत्थरबाज बेनकाब

तुर्कमान गेट हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई। 30 पत्थरबाजों की पहचान, 450 से ज्यादा वीडियो खंगाले गए, 5 आरोपी गिरफ्तार, SIT गठित।

नई दिल्ली. दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अब तक करीब 30 पत्थरबाजों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

450 से ज्यादा वीडियो फुटेज से हुई पहचान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा से जुड़े साढ़े चार सौ से अधिक वीडियो सामने आए हैं। इनमें

  • सीसीटीवी फुटेज,
  • पुलिस बॉडी कैम रिकॉर्डिंग,
  • सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स शामिल हैं।

इन सभी विजुअल्स का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है।

हिंसा में बाहरी लोगों की भूमिका का शक

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिंसा में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बाहरी लोग भी शामिल थे। कई पत्थरबाज तुर्कमान गेट के निवासी नहीं पाए गए हैं।

पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया के जरिए बाहर से लोगों को बुलाकर हिंसा के लिए उकसाया गया, इसी वजह से डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।

अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार

अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें

  • काशिफ
  • मोहम्मद कैफ
  • मोहम्मद अरीब
  • अदनान
  • समीर शामिल हैं। ये सभी चांदनी महल और दरियागंज क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

फरार आरोपियों की तलाश में SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम

  • ड्रोन कैमरों,
  • सीसीटीवी नेटवर्क
  • तकनीकी निगरानी

की मदद से फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई आरोपी डर के चलते अपने घर छोड़कर फरार हो चुके हैं।

तुर्कमान गेट इलाका छावनी में तब्दील

हिंसा के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

अफवाह से भड़का तनाव, सोशल मीडिया जांच तेज

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा की एक बड़ी वजह सोशल मीडिया पर फैली झूठी अफवाह रही। अफवाह में दावा किया गया था कि इलाके की मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों में गुस्सा और असुरक्षा फैल गई। हालांकि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।

शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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