उत्तर प्रदेश

प्रदेश अध्यक्ष की रेस तेज: BJP हाईकमान ने बड़े नेताओं को बुलाया, सस्पेंस बढ़ा

दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद अब लगभग तय माना जा रहा है कि 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो जाएगी।

लखनऊ. यूपी में बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद अब लगभग तय माना जा रहा है कि 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अपने प्रमुख नेताओं, सांसदों-विधायकों और योगी सरकार के मंत्रियों को कल लखनऊ बुलाया है। करीब 400 प्रांतीय सदस्य, जो प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करते हैं, भी लखनऊ पहुंच रहे हैं। ऐसी संभावना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ या डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक में से कोई एक प्रस्तावक बन सकते हैं।

चुनाव के लिए 13 दिसंबर को केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल की मौजूदगी में नामांकन होगा। यदि एक से अधिक नामांकन हुए तो चुनाव होगा, अन्यथा अगले दिन यानी 14 दिसंबर को ही पीयूष गोयल नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर देंगे।

किसके नाम पर लग सकती है मुहर?

कई दिग्गज रेस में, BJP पिछड़ा वर्ग पर लगा सकती है दांव

नई जिम्मेदारी को लेकर कई नेताओं के नाम चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।

जानकारों के अनुसार भाजपा विपक्ष के पीडीए फॉर्मूले की काट के रूप में पिछड़ा वर्ग से नया प्रदेश अध्यक्ष चुन सकती है। हालांकि कुछ हलकों में यह भी चर्चा है कि पार्टी किसी चौंकाने वाले नाम को आगे कर सकती है।

कल सुबह लखनऊ पहुंचेंगे पीयूष गोयल और विनोद तावड़े

13 दिसंबर को दोपहर 1–2 बजे के बीच नामांकन प्रक्रिया

मिली जानकारी के अनुसार चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल और केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े 13 दिसंबर की सुबह लखनऊ पहुंचेंगे। सभी प्रांतीय सदस्य और प्रमुख नेता शुक्रवार शाम तक लखनऊ आ जाएंगे।

नामांकन की प्रक्रिया 13 दिसंबर को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच होगी। पार्टी संविधान के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव प्रांतीय सदस्य करते हैं, लेकिन प्रायः एक ही नामांकन होने के कारण चुनाव औपचारिकता मात्र रह जाता है। यदि एक ही नाम सामने आता है तो 14 दिसंबर को नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

भाजपा मुख्यालय में तैयारियां पूरी

13 और 14 दिसंबर को रहेगी भारी हलचल

प्रदेश मुख्यालय पर 13 और 14 दिसंबर को भारी गहमागहमी की उम्मीद है। नामांकन प्रक्रिया के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। यदि एक से अधिक नामांकन नहीं आते हैं, तो अगले दिन नया प्रदेश अध्यक्ष औपचारिक रूप से घोषित हो जाएगा।

संगठनात्मक प्रक्रिया: कोरम पूरा, अब अंतिम चरण

भाजपा प्रदेश में अब तक लगभग 1600 मंडल अध्यक्ष घोषित कर चुकी है। प्रदेश को कुल 1918 मंडलों में बांटा गया है, यानी करीब 300 से अधिक मंडल अध्यक्षों की घोषणा अभी बाकी है।

पार्टी संविधान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए 50% से अधिक जिलाध्यक्षों की घोषणा होना अनिवार्य है — यह कोरम पूरा हो चुका है।

मोदी से मुलाकात के बाद तेज हुई चर्चा

प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसी मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में नए अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

इसी क्रम में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष की हालिया लखनऊ यात्रा और शीर्ष नेताओं से मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी गई।
अंततः भाजपा ने आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया, जिससे यह लगभग स्पष्ट है कि 14 दिसंबर को यूपी भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम सामने आ जाएगा।

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