रनों का सूखा बरकरार, टीम इंडिया के लिए नई सिरदर्दी बने अभिषेक
टी20 वर्ल्ड कप में 4 जीत के बाद भी अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म टीम इंडिया की चिंता। सुपर-8 से पहले कोच ने जताया भरोसा, लेकिन ओपनिंग पार्टनरशिप और बैटिंग पीक पर नहीं पहुंचने से बढ़े सवाल।

नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप में लगातार चार मैच जीतकर टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन किया है, लेकिन सुपर-8 से पहले ओपनर अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज के बल्ले से अब तक एक भी रन नहीं निकला है, जिससे भारत की मजबूत बैटिंग लाइन-अप अधूरी नजर आ रही है।
लगातार तीन डक, फिर भी टीम मैनेजमेंट को भरोसा
नीदरलैंड्स के खिलाफ 17 रन की जीत के बाद भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने अभिषेक का बचाव करते हुए कहा कि नेट्स में उनकी बल्लेबाजी शानदार रही है और उन्हें थोड़ा समय देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अभिषेक टूर्नामेंट के दौरान बीमार भी रहे और एक मैच मिस करना पड़ा, जिससे उनकी लय प्रभावित हुई।
खराब फॉर्म के बावजूद क्यों नहीं बढ़ी टेंशन?
अभिषेक शर्मा का इस टूर्नामेंट में खाता तक नहीं खुला, लेकिन इसके बावजूद टीम पर इसका असर नहीं पड़ा। इसके पीछे कई कारण हैं—
- पिछले डेढ़ साल में शानदार प्रदर्शन
- टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज
- आउट होने का कोई तय पैटर्न नहीं
- दूसरे बल्लेबाजों का लगातार योगदान
पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन की विस्फोटक पारी और पहले के मैचों में संजू सैमसन के शतक ने टॉप ऑर्डर की नाकामी को ढक दिया।
मजबूत दिख रही ओपनिंग, लेकिन आंकड़े कुछ और कहते हैं
टी20 में भारत का दबदबा आक्रामक ओपनिंग की वजह से बना, लेकिन पिछले वर्ल्ड कप के बाद से टीम को लगातार बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप नहीं मिली है।
अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, शुभमन गिल, ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों ने अलग-अलग मैचों में अच्छा किया, लेकिन स्थिर जोड़ी नहीं बन पाई।
इसका दबाव अक्सर नंबर-3 पर खेल रहे बल्लेबाजों—ईशान किशन, तिलक वर्मा—पर आया, खासकर तब जब सूर्यकुमार यादव भी संघर्ष कर रहे थे।
कोच का बयान: “हर मैच में कोई न कोई संभाल लेता है”
रयान टेन डेशकाटे ने कहा कि टीम की ताकत उसकी बैटिंग डेप्थ है। भले ही पावरप्ले में जल्दी विकेट गिर जाएं, लेकिन कोई न कोई बल्लेबाज टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा देता है।
सुपर-8 में बदल सकती है तस्वीर
ग्रुप स्टेज में अभिषेक का फॉर्म टीम के लिए बड़ी समस्या नहीं बना, लेकिन नॉकआउट चरण में मजबूत टीमों के खिलाफ उनका योगदान मैच का रुख तय कर सकता है। चारों मैच जीतने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी अभी अपने पीक पर नहीं पहुंची है — और यही सबसे बड़ा सवाल है।




