बांग्लादेश की राजनीति में उबाल: शेख हसीना का बड़ा बयान, ‘कठपुतली सरकार’ पर सीधा प्रहार
शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला करते हुए बांग्लादेश को आतंक और अराजकता के दौर में बताया। उन्होंने यूनुस सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की।

नई दिल्ली. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर Muhammad Yunus पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश आज आतंक, अराजकता और दमन के दौर से गुजर रहा है और देश के इलाके व संसाधनों को विदेशी हितों के लिए बेचने की साजिश चल रही है। शेख हसीना ने देशवासियों से “यूनुस सरकार को उखाड़ फेंकने” की अपील भी की।
पराक्रम के इतिहास से आतंक तक: देश ‘खाई के किनारे’
शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश आज खाई के किनारे खड़ा है—एक ऐसा देश जो “तबाह और खून से लथपथ” है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता Sheikh Mujibur Rahman के नेतृत्व में जिस मातृभूमि को मुक्ति संग्राम में हासिल किया गया था, वह अब कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के हमले से बर्बाद की जा रही है। उनके मुताबिक, “पूरा देश एक बड़ी जेल, फांसी की जगह और मौत की घाटी बन गया है।”
भारत से पहला संबोधन, रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश
यह बयान शेख हसीना ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो संदेश के जरिए दिया। अगस्त 2024 में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश छोड़ने के बाद यह भारत में किसी सार्वजनिक मंच से उनका पहला संबोधन बताया जा रहा है।
लोकतंत्र ‘निर्वासन’ में, मानवाधिकार रौंदे गए: शेख हसीना
पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि
- मानवाधिकार कुचले जा रहे हैं
- प्रेस की आजादी समाप्त कर दी गई है
- हिंसा, प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न में बढ़ोतरी हुई है
- महिलाएं, लड़कियां और धार्मिक अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं
कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है
उन्होंने कहा कि राजधानी से लेकर गांवों तक भीड़तंत्र, लूटपाट, हथियारबंद डकैती और जबरन वसूली का बोलबाला है, जबकि शिक्षा संस्थानों में अफरा-तफरी मची हुई है।
‘विदेशी कठपुतली’ सरकार का आरोप, यूनुस को बताया ‘राष्ट्रीय शत्रु’
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश के इलाके और संसाधन विदेशी ताकतों को सौंपने की धोखेबाजी भरी साजिश चल रही है। उन्होंने यूनुस को ‘राष्ट्रीय शत्रु’ करार देते हुए कहा कि देश को एक मल्टीनेशनल संघर्ष की भट्टी की ओर धकेला जा रहा है।
अवामी लीग पर बैन और चुनावी संकट
शेख हसीना ने कहा कि Awami League—जो स्वतंत्र बांग्लादेश की सबसे पुरानी और लोकतंत्र की संरक्षक पार्टी है—की गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया है और उसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि जब तक यूनुस गुट का साया नहीं हटेगा, तब तक निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव प्रस्तावित हैं।
चार सूत्री अपील: लोकतंत्र की बहाली का रोडमैप
शेख हसीना ने देशवासियों से आह्वान करते हुए चार प्रमुख मांगें रखीं:
- गैर-कानूनी यूनुस सरकार को हटाकर लोकतंत्र बहाल किया जाए
- सड़कों पर रोजाना होने वाली हिंसा खत्म कर कानून-व्यवस्था बहाल की जाए
- धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं, लड़कियों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को डराने व जेल में डालने के लिए की जा रही राजनीति-प्रेरित कानूनी कार्रवाइयों को समाप्त किया जाए
संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच की मांग
शेख हसीना ने संयुक्त राष्ट्र से पिछले वर्ष की घटनाओं की नई और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बदले की राजनीति के बजाय सच्चाई, मेल-मिलाप और लोकतांत्रिक पुनर्निर्माण की जरूरत है। उन्होंने देशवासियों से अपील की—“कृपया हार न मानें। हम सब मिलकर मजबूत हैं और अपनी लोकतांत्रिक मांगें मनवा सकते हैं।”




