गवाह, कैमरे और मोबाइल डेटा बने चाबी, साध्वी मौत केस का पर्दाफाश
साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में 18 दिन की जांच के बाद जोधपुर पुलिस का बड़ा खुलासा। मौत कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट से, लेकिन इंजेक्शन की भूमिका पर अभी भी जांच जारी।

जोधपुर. राजस्थान की चर्चित युवा साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर उठे साजिश, जहर और मेडिकल लापरवाही के सवालों के बीच जोधपुर पुलिस ने 18 दिन की लंबी जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। 44 गवाहों के बयान, 106 लोगों की कॉल डिटेल, 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज और 37 से अधिक विसरा सैंपल की जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि साध्वी की मौत कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट से हुई। हालांकि मौत से पहले लगाए गए इंजेक्शन की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
एफएसएल रिपोर्ट के बाद साफ हुई मौत की वजह
28 जनवरी को हुई मौत के बाद मामले में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं। पोस्टमार्टम के बाद विसरा को स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, जयपुर भेजा गया था। रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल एक्सपर्ट्स से चर्चा की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने स्पष्ट किया:
- न जहर मिला
- न किसी तरह की अंदरूनी या बाहरी चोट
- न साजिश और न ही आत्महत्या
मौत की वजह दिल की धड़कन और सांस रुकना (कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट) रही। पुलिस के अनुसार साध्वी पहले से फेफड़ों से जुड़ी बीमारी से पीड़ित थीं।
इंजेक्शन बना जांच का सबसे बड़ा पेच
मौत से ठीक पहले लगाए गए दो इंजेक्शन — डायनापार (डाइक्लोफिनैक) और डेक्सोना (डेक्सामेथासोन) — जांच का सबसे अहम बिंदु हैं।
- दोनों दवाएं शेड्यूल H श्रेणी की हैं
- डॉक्टर की निगरानी में देना जरूरी
- कंपाउंडर द्वारा बिना ताजा प्रिस्क्रिप्शन लगाए गए
- प्रारंभिक जांच में कंपाउंडर की लापरवाही सामने आई है। अब पुलिस ने इस पहलू पर मेडिकल बोर्ड से नई राय मांगी है।
एक्सपर्ट की राय: दवाओं का रिएक्शन हो सकता है खतरनाक
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार:
- दोनों इंजेक्शन एक साथ देने में सावधानी जरूरी
- गलत तरीके से देने पर कार्डियोवैस्कुलर इवेंट का खतरा
- ऑक्सीजन की कमी से नाखून नीले पड़ सकते हैं
- यही कारण है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या दवाओं के रिएक्शन ने स्थिति को जानलेवा बनाया।
‘सुसाइड नोट’ पोस्ट का भी खुलासा
मौत के बाद साध्वी के इंस्टाग्राम से पोस्ट किए गए कथित सुसाइड नोट की भी जांच हुई। पुलिस जांच में सामने आया:
- पोस्ट साध्वी ने नहीं लिखा था
- पिता वीरमनाथ ने भावनात्मक स्थिति में मोबाइल से पोस्ट कराया
- किसी साजिश की पुष्टि नहीं हुई
वायरल वीडियो से भी जुड़ा था विवाद
13 जुलाई 2025 को सामने आए एक निजी वीडियो के बाद साध्वी चर्चा में आई थीं। उस मामले में:
- साध्वी ने आश्रम के कुछ लोगों पर FIR दर्ज करवाई थी
- वीडियो को लेकर सफाई भी दी थी
- बताया था कि वह अवसाद के दौर से गुजर रही थीं
- पुलिस ने इस एंगल की भी जांच की, लेकिन मौत से सीधा संबंध नहीं मिला।
हर एंगल से हुई जांच
एसआईटी ने जांच के दौरान:
- पूरी टाइमलाइन री-क्रिएट की
- मेडिकल हिस्ट्री खंगाली
- ड्रग कंट्रोलर, CMHO, नर्सिंग काउंसिल से जानकारी ली
- निजी अस्पतालों और अन्य संस्थाओं से पूछताछ की
आगे क्या?
मौत की वजह स्पष्ट होने के बाद अब सबकी नजर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर है, जिससे तय होगा कि कंपाउंडर की लापरवाही आपराधिक श्रेणी में आती है या नहीं।




