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दिल्ली से जयपुर तक संदेश साफ: सचिन पायलट बनेंगे कांग्रेस का चेहरा?

दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद क्या सचिन पायलट की राजस्थान वापसी तय है? जानिए प्रदेश अध्यक्ष और 2028 के CM फेस को लेकर कांग्रेस की रणनीति।

जयपुर. दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों इस बात की चर्चा तेज है कि कांग्रेस पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान का नया प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। साथ ही, साल 2028 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर भी आगे किया जा सकता है। इन अटकलों को तब और हवा मिली, जब हाल ही में पायलट की राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात हुई।

राहुल गांधी से क्या बोले सचिन पायलट?

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई इस गुप्त मुलाकात में सचिन पायलट ने साफ शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि अब वे दिल्ली की राजनीति से बाहर आकर अपने गृह राज्य राजस्थान में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। पायलट ने राजस्थान में संगठन और चुनावी जिम्मेदारी सौंपे जाने की इच्छा जताई। हालांकि, इस प्रस्ताव पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है।

पायलट के सामने दोहरी नहीं, तिहरी चुनौती

राजस्थान कांग्रेस की राजनीति अब केवल दो ध्रुवों तक सीमित नहीं रही। एक ओर अशोक गहलोत का मजबूत गुट है, तो दूसरी ओर खुद सचिन पायलट का समर्थक वर्ग। वहीं, पिछले कुछ वर्षों में गोविंद सिंह डोटासरा भी एक प्रभावशाली चेहरे के तौर पर उभरे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर डोटासरा ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत की है। ऐसे में यदि पायलट राजस्थान लौटते हैं, तो उन्हें न सिर्फ गहलोत गुट बल्कि डोटासरा की सशक्त मौजूदगी से भी निपटना होगा।

2023 की तकरार और कांग्रेस को नुकसान

साल 2023 के विधानसभा चुनावों में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। पायलट चाहते थे कि उन्हें मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया जाए, जबकि गहलोत खुद को स्वाभाविक सीएम फेस मानकर आगे बढ़ रहे थे। इस आपसी खींचतान का सीधा नुकसान कांग्रेस को हुआ और पार्टी चुनाव हार गई। नतीजतन, भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में वापसी करते हुए राज्य में अपनी सरकार बना ली।

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