अब नहीं चलेगा मॉडिफिकेशन, नियम तोड़ने वाली बसों पर गिरेगी गाज
रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड पर स्लीपर बसों की सख्त जांच। 21 बसों की जांच, CIRT गाइडलाइन उल्लंघन पर नोटिस, फायर सेफ्टी और बस बॉडी नियमों पर कड़ा एक्शन।

रांची. सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग ने कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड पर स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
21 बसों की जांच, CIRT गाइडलाइन उल्लंघन पर नोटिस
जांच अभियान के तहत कुल 21 स्लीपर बसों की जांच की गई। केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर बनाई गई बस बॉडी को तत्काल संचालन से हटाया जाएगा।
पंजीकरण और बस बॉडी पर नए सख्त नियम
परिवहन विभाग ने निर्देश दिए कि अब सभी प्रकार की बसों का पंजीकरण केवल अप्रूव्ड टेस्ट एजेंसी की मंजूरी के साथ फॉर्म-22/22ए के आधार पर ही किया जाएगा। इसके साथ ही पंजीकरण के समय निम्न दस्तावेज अनिवार्य होंगे—
- बस की लेआउट ड्राइंग
- बस के आयाम (डायमेंशन)
- दरवाजों की स्थिति
- इमरजेंसी एग्जिट और रूफ हैच का विवरण
- बस बॉडी निर्माता की मान्यता की वैधता
पार्टीशन और बर्थ स्लाइडर तुरंत हटाने के निर्देश
संयुक्त जांच का नेतृत्व हरविंश पंडित (उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव, RTA दक्षिणी छोटानागपुर), विमल किशोर सिंह (मोटरयान निरीक्षक) और अखिलेश कुमार (जिला परिवहन पदाधिकारी) ने किया। निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि—
- स्लीपर कोचों में ड्राइवर के केबिन में लगे पार्टीशन दरवाजे तुरंत हटाए जाएं
- कुछ बसों में मौके पर ही पार्टीशन हटवाया गया
- सभी स्लीपर कोचों के बर्थ में लगे स्लाइडर तत्काल हटाने के आदेश दिए गए
- फायर सेफ्टी पर सख्ती, एक माह का अल्टीमेटम
- अग्नि सुरक्षा को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सभी स्लीपर बसों में—
- FDSS (Fire Detection and Suppression System) लगाने के लिए एक माह का समय
- न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता का फायर एक्सटिंग्विशर (ग्रीन जोन) अनिवार्य
- सभी अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करना जरूरी
बस संचालकों के साथ बैठक, नियम पालन का आश्वासन
खादगढ़ा बस स्टैंड पर उपस्थित वाहन मालिकों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में CIRT द्वारा जारी सभी निर्देशों और सुझावों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया। बस संचालकों ने विभागीय निर्देशों का पालन करने और तय समय-सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करने का आश्वासन दिया।
परिवहन विभाग का स्पष्ट संदेश
परिवहन विभाग ने कहा कि यह अभियान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा नीतियों के अनुरूप है, जहां यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




