छत्तीसगढ़

रायपुर साहित्य महोत्सव बना रचनात्मक संगम, काव्य-पाठ में उमड़ा जनसैलाब

रायपुर साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ होगा। देशभर से 120 से अधिक साहित्यकार नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में जुटे हैं।

रायपुर. नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य महोत्सव का आज दूसरा दिन है। महोत्सव के दूसरे दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस साहित्यिक आयोजन में देशभर से 120 से अधिक ख्यातिनाम साहित्यकार हिस्सा ले रहे हैं।

आयोजन की हो रही सराहना

महोत्सव के दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, बोली और उपलब्धियों का प्रभावी प्रदर्शन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ गठन वर्ष की रजत जयंती के रूप में मनाया जा रहा है और इतने भव्य व सुसंस्कृत कार्यक्रम को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई है।

दूर-दूर से पहुंचे साहित्य प्रेमी

महोत्सव में प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी साहित्य प्रेमी और लेखक पहुंचे हैं। जशपुर की लेखिका अंकिता जैन ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा साहित्यिक आयोजन प्रतीत होता है, जो युवाओं और लेखन जगत पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि दिल्ली, लखनऊ या मुंबई के अलावा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी उच्च स्तर के साहित्यिक कार्यक्रम संभव हैं। उन्होंने बताया कि वे अब तक सात पुस्तकों की लेखिका हैं और हाल ही में उन्हें इफको युवा साहित्य सम्मान तथा मेदनी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

साहित्य और संस्कृति का संगम

रायपुर साहित्य महोत्सव न केवल साहित्यकारों के लिए संवाद और अभिव्यक्ति का मंच बन रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button