आस्था का महासंगम: संगम में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, 1.5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज माघ मेले में आस्था का महासंगम। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आज हेलीकॉप्टर के माध्यम से संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं और साधु-संतों पर पुष्प वर्षा कराई गई। यह पुष्प वर्षा सनातन आस्था के सम्मान और श्रद्धालुओं के उत्साहवर्धन के उद्देश्य से की गई।
आधी रात से डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान
प्रशासन के अनुसार, रात 12 बजे से अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेले में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और विशाल भीड़ के बावजूद स्नान व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हर घाट पर तैनात बल
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, आरएएफ और यूपी एटीएस की टीमें स्नान घाटों पर मुस्तैदी से तैनात हैं। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार स्वयं रात 12 बजे से मेला क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
ठंड और कोहरे पर भारी पड़ी आस्था
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। दूर-दराज से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम पहुंचकर पवित्र जल में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। संगम क्षेत्र में हर ओर ‘हर-हर गंगे’ के जयकारे गूंजते नजर आए।
मौनी अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास को अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन माघ महीने के मध्य में आने वाली अमावस्या—मौनी अमावस्या—का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी का जल अमृत समान हो जाता है। यही कारण है कि इस दिन संगम स्नान को अत्यंत फलदायी बताया गया है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं।




