उत्तर प्रदेश

आर्थिक सुरक्षा की गारंटी: डबल इंजन सरकार के साथ किसान सशक्त

डबल इंजन सरकार किसानों के साथ: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसंबर। कम प्रीमियम, डीबीटी से समय पर भुगतान और अब तक की क्षतिपूर्ति के आंकड़े।

लखनऊ. डबल इंजन सरकार—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ—किसानों के हर संकट में साथ खड़ी है। फसलों को दैवीय आपदा या अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को मजबूत आर्थिक सुरक्षा दे रही है। रबी फसलों (गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों, मसूर, आलू आदि) के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई है। किसान pmfby.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं या 14447 पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं।

कम प्रीमियम, समय पर भुगतान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों के लिए किसानों को केवल 1.5% प्रीमियम देना होता है। शेष प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं। दावों का भुगतान डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में समय पर किया जाता है।

रबी सीजन 2025–26: 53.23 लाख आवेदन

रबी सीजन 2025–26 में अब तक 15.01 लाख से अधिक किसानों द्वारा 53.23 लाख आवेदनों का बीमा किया जा चुका है। 8,90,410 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कवर प्राप्त हुआ है। रबी फसलों के लिए किसानों की हिस्सेदारी मात्र 1.5% है।

2016–17 से 2024–25: 5679.26 करोड़ की क्षतिपूर्ति

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के अनुसार, 2016–17 से 2024–25 के बीच 351.75 लाख बीमित किसानों ने 339.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया। इस अवधि में 73.79 लाख किसानों को 5679.26 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया।

खरीफ 2025–26 में भी राहत

खरीफ सीजन 2025–26 में 20.72 लाख बीमित किसानों ने 13.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया। अब तक 2.70 लाख किसानों को 215.40 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है।

31 दिसंबर से पहले कराएं बीमा

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि जिन्होंने अब तक रबी फसलों का बीमा नहीं कराया है, वे 31 दिसंबर से पहले अवश्य करा लें। प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में बीमित किसानों को योजना के तहत आर्थिक राहत मिलती है, जिससे जोखिम का बोझ कम होता है।

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