आपदा से निपटने की बड़ी पहल: मॉक ड्रिल को बताया अहम कदम, बोले सीएम योगी
पराक्रम दिवस पर उत्तर प्रदेश में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिक सुरक्षा संगठन को हर आपदा व युद्धकालीन परिस्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर बताया।

लखनऊ. प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रेरणा से देशभर में आज भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता आंदोलन के महानायक Subhas Chandra Bose की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है। इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा संगठन की ओर से आपातकालीन स्थितियों में बचाव एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि यह मॉक ड्रिल प्रदेश को हर प्रकार की आपदा, दुर्घटना और युद्धकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना और नागरिक सुरक्षा की भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश को दिया। उसी भावना के अनुरूप उन्होंने आज़ाद हिंद फौज का गठन किया और रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के माध्यम से नारी शक्ति की सामर्थ्य को विश्व के सामने प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि आज का यह मॉक ड्रिल हमें सम और विषम—दोनों परिस्थितियों के लिए हमेशा तैयार रहने की प्रेरणा देता है। युद्धकाल हो या शांति काल, आपदा हो या आकस्मिक दुर्घटना—हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है। इसी महत्व को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नागरिक सुरक्षा संगठन का गठन किया गया है।
स्वावलंबी समाज के लिए जनभागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा संगठन को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी 75 जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूर्णता की ओर है। साइरन स्थापित किए जा चुके हैं और इस तरह के मॉक ड्रिल प्रदेशभर में आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर कार्य के लिए केवल सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता। स्वावलंबन की पहली शर्त यही है कि हम अपने देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझें और सरकार के साथ मिलकर प्रयास करें, जिससे कार्यों की गति कई गुना बढ़ सके। इसी सोच के साथ स्वयंसेवकों के माध्यम से यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है।
शांति काल से युद्धकाल तक नागरिक सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी
सीएम ने कहा कि अब नागरिक सुरक्षा संगठन केवल शांति काल में पर्व-त्योहारों तक सीमित नहीं है। बाढ़, आपदा, दुर्घटना, बड़े आयोजनों में ट्रैफिक प्रबंधन या फिर युद्धकाल में समाज की व्यवस्था संभालने—हर परिस्थिति में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आज यह क्षमता प्रदर्शित की गई है।
45 हजार होमगार्ड भर्ती और ‘आपदा मित्र’ पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। एसडीआरएफ के माध्यम से ‘आपदा मित्रों’ की भर्ती भी आगे बढ़ाई जा रही है। आपदा मित्र के रूप में कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यकता होने पर उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उन्होंने ‘गोल्डन आवर’ की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि दुर्घटना या आपदा की स्थिति में समय पर उपचार पीड़ित का जीवन बचा सकता है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, टूरिज्म और हाईराइज इमारतों के दौर में नियमित मॉक ड्रिल बेहद आवश्यक है।
केवल संकट में नहीं, सामान्य जीवन में भी तैयारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन के साथ खड़ा हो जाए, तो जनहानि और धनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल संकट आने पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, बल्कि सामान्य जीवन में भी निरंतर अभ्यास और तैयारी आवश्यक है—तभी सफलता सुनिश्चित होगी।




