नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विचार आज भी प्रासंगिक, देशविरोध के सामने न झुकने का संदेश—सीएम योगी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बोले—नेताजी भारत के स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम की अमर प्रेरणा हैं।

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आज़ादी का ऐसा नाम हैं, जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ हर विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही और देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने का संकल्प भर देता है। नेताजी की जयंती के अवसर पर लखनऊ के हजरतगंज स्थित नेताजी सुभाष चौक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए।
“तुम मुझे खून दो…” बना आज़ादी का मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का आह्वान—“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा”—स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था। उनका “दिल्ली चलो” का उद्घोष देशवासियों को निरंतर प्रेरित करता है। “कदम कदम बढ़ाए जा…” जैसा गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोहों में गौरव के साथ गाया जाता है।
स्वतंत्रता संग्राम को दी नई दिशा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को नई दिशा दी। वे क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में उभरे और देश के भीतर तथा विदेशों में—जर्मनी, जापान सहित—आजादी के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनका योगदान अविस्मरणीय और प्रेरणास्पद है।
नेताजी का जीवन: त्याग और राष्ट्रसेवा का प्रतीक
नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ। उच्च शिक्षा के लिए वे ब्रिटेन गए और आईसीएस परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, लेकिन अंग्रेजी शासन की सेवा करने से इनकार कर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति समर्पण आज भी हम सबको प्रेरित करता है।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, अंगद सिंह और पवन सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




