विदेश

मार्च में उड़ान भरने वाला मिशन टला, NASA ने बदला प्लान

नासा का मानवयुक्त मून मिशन आर्टेमिस-2 हीलियम लीक के कारण टल गया। मार्च में लॉन्च नहीं होगा। जानें SLS रॉकेट की तकनीकी खराबी, मिशन का उद्देश्य और आर्टेमिस-3 से आगे का प्लान।

नई दिल्ली. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने बहुप्रतीक्षित मानवयुक्त मून मिशन आर्टेमिस-2 को फिलहाल टाल दिया है। यह मिशन मार्च में लॉन्च होना था, लेकिन स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को लॉन्च पैड से हटा लिया गया है।

हीलियम लीक बना बड़ी वजह

  • नासा के प्रमुख जेरेड आइजैकमैन ने बताया कि रॉकेट सिस्टम में हीलियम लीक की समस्या पाई गई है।
  • हीलियम प्रोपेलेंट टैंक में प्रेशर बनाए रखने में मदद करता है
  • इंजन के सुचारु संचालन के लिए बेहद जरूरी
    इस तकनीकी खामी को ठीक करने के लिए रॉकेट और ओरियन यान को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में ले जाया जाएगा।

मिशन टलने से टीम निराश

नासा प्रमुख ने कहा कि इस मिशन के लिए टीम ने लंबे समय तक मेहनत की है, लेकिन मानवयुक्त मिशन में सुरक्षा सबसे अहम होती है। उन्होंने अपोलो कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि 1960 के दशक में भी कई चुनौतियों के बाद ही सफलता मिली थी।

क्या था आर्टेमिस-2 मिशन का उद्देश्य

  • यह मिशन चांद पर लैंडिंग के लिए नहीं था
  • अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा का फ्लाइबाय करते
  • डीप स्पेस में मानव क्षमता का परीक्षण
  • आर्टेमिस-3 की तैयारी
  • मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री:
  • छोटे केबिन में शून्य-गुरुत्वाकर्षण में काम करते
  • ज्यादा रेडिएशन वाले क्षेत्र में रहते
  • पृथ्वी पर वापसी के दौरान प्रशांत महासागर में लैंड करते

आगे का नासा प्लान

नासा का दीर्घकालिक लक्ष्य चंद्रमा पर स्थायी मानव मौजूदगी बनाना है:

आर्टेमिस-3: अंतरिक्ष यात्रियों की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग

आर्टेमिस-4 और 5: चंद्रमा की कक्षा में गेटवे स्पेस स्टेशन का निर्माण

  • बार-बार मून मिशन
  • रोबोटिक रोवर की तैनाती

अपोलो के बाद सबसे बड़ा कार्यक्रम

नासा ने आखिरी बार 1960-70 के दशक में अपोलो मिशन के तहत इंसानों को चांद पर भेजा था।
आर्टेमिस प्रोग्राम का मकसद अब चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव उपस्थिति स्थापित करना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button