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नाल्को का 2026 टारगेट: पोटांगी बॉक्साइट प्रोजेक्ट से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

सार्वजनिक क्षेत्र की नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) अगले साल जून तक ओडिशा में अपनी पोटांगी बॉक्साइट खदान शुरू करने की योजना पर काम कर रही है।

नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) अगले साल जून तक ओडिशा में अपनी पोटांगी बॉक्साइट खदान शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इससे कंपनी को खनन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ अपने एकीकृत एल्यूमिनियम कारोबार के विस्तार में अहम मदद मिलेगी।

दिलीप बिल्डकॉन को विकास व संचालन का ठेका

पोटांगी बॉक्साइट खदान के विकास और संचालन के लिए दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को एल-1 (सबसे कम बोली) बोलीदाता के रूप में चुना गया है। कंपनी अब इस परियोजना को तय समय-सीमा में शुरू करने की तैयारी में जुट गई है।

जून तक खदान शुरू करने का लक्ष्य: सीएमडी

नाल्को के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बृजेंद्रा प्रताप सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि अगले साल जून तक पोटांगी खदान से उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।”

दामनजोडी रिफाइनरी की क्षमता बढ़ेगी

कंपनी ओडिशा के कोरापुट जिले में स्थित दामनजोडी रिफाइनरी में एल्यूमिना उत्पादन क्षमता बढ़ाने जा रही है। फिलहाल यहां 22.75 लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता की एल्यूमिना रिफाइनरी संचालित की जा रही है।

50 साल के लिए मिला खनन पट्टा

इस विस्तार परियोजना के लिए ओडिशा सरकार ने कोरापुट जिले में स्थित पोटांगी बॉक्साइट भंडार के लिए नाल्को को 697.979 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन पट्टा आवंटित किया है। यह पट्टा 50 वर्षों के लिए वैध है। इससे बढ़ी हुई एल्यूमिना उत्पादन क्षमता के लिए कच्चे माल की दीर्घकालिक और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

बॉक्साइट की आपूर्ति वैकल्पिक स्रोतों से भी होगी

सीएमडी बृजेंद्रा प्रताप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि पोटांगी से उत्पादन शुरू होने तक या यदि कुछ महीनों की देरी होती है, तो वैकल्पिक स्रोतों से बॉक्साइट की आपूर्ति की जाएगी। बढ़ी हुई रिफाइनरी क्षमता के लिए कच्चे माल की किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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