छत्तीसगढ़
राजस्व कामकाज पटरी पर: कलेक्टर की पहल से 15 दिन बाद हड़ताल खत्म
मुंगेली जिले के लोरमी तहसील में 15 दिनों से चल रहा पटवारी-आरआई और तहसीलदार के बीच विवाद कलेक्टर के हस्तक्षेप से खत्म। हड़ताल समाप्त, राजस्व कार्य फिर शुरू।

मुंगेली. लोरमी तहसील में पिछले 15 दिनों से चल रहा पटवारी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) और तहसीलदार के बीच का विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। कलेक्टर के हस्तक्षेप और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में सभी पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद हड़ताली पटवारी और आरआई अपने-अपने काम पर लौट आए।
तहसीलदार को हटाने की मांग से शुरू हुआ था विवाद
- पटवारी और आरआई संघ ने लोरमी में पदस्थ तहसीलदार शेखर पटेल पर
- अनावश्यक दबाव बनाने
- प्रताड़ना करने का आरोप लगाया था।
- इसी के विरोध में 29 जनवरी से पटवारी और आरआई अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।
जिला स्तर पर भी मिला समर्थन, बढ़ा गतिरोध
- मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब
- जिला पटवारी-आरआई संघ ने तीन दिन का समर्थन दिया
- कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (नायब तहसीलदार व तहसीलदार) ने तहसीलदार को हटाने का विरोध किया
- दोनों पक्षों की अलग-अलग मांगों से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने लगा था।
कलेक्टर के हस्तक्षेप से निकला समाधान
- लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने सभी पक्षों की बैठक बुलाई, जिसमें
- सभी संगठनों को विस्तार से सुना गया
- आपसी संवाद और संयम बनाए रखने पर सहमति बनी
- कर्मचारियों की जायज मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया
- इसके बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने लंबित राजस्व मामलों को तेजी से निपटाने शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को समय पर पूरा करने समन्वय के साथ काम करने के निर्देश भी दिए।
प्रशासनिक कामकाज फिर पटरी पर
हड़ताल खत्म होने के बाद अब लोरमी तहसील में राजस्व संबंधी कार्य सामान्य रूप से शुरू हो गए हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।




