पर्यटन को बूस्ट: एमपी के इस शहर में ‘टेंट सिटी’, बदलेगा टूरिज्म का नक्शा
रण उत्सव के टेंट सिटी मॉडल से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश सरकार उज्जैन सिंहस्थ और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यह व्यवस्था लागू करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योजना को मंजूरी दी, भोपाल में गैस पीड़ितों की स्मृति में संग्रहालय बनाने की भी घोषणा।

गुजरात के कच्छ में आयोजित रण उत्सव इन दिनों पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दुनिया भर से लाखों लोग इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं, जहां टेंट सिटी मॉडल विशेष रूप से लोगों को आकर्षित कर रहा है। अब इसी सफल मॉडल को मध्यप्रदेश सरकार उज्जैन सिंहस्थ और राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लागू करने की तैयारी कर रही है।
श्रद्धालुओं को सुविधा, स्थानीय लोगों को रोजगार
टेंट सिटी मॉडल के जरिए तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर ठहराव सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, युवाओं और समुदायों को स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी सहमति
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री गुजरात के कच्छ जिले में रण उत्सव में शामिल हुए, जहां उन्होंने बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश के अधिकारियों से चर्चा कर राज्य में इस मॉडल को लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया।
भोपाल में बनेगा गैस पीड़ितों की स्मृति का संग्रहालय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात के भुज में भूकंप पीड़ितों की स्मृति में विकसित स्मृति वन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तर्ज पर भोपाल में भी गैस पीड़ितों की याद में एक समर्पित संग्रहालय विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न केवल पीड़ितों की स्मृतियों को सहेजने का कार्य करेगा, बल्कि मानवीय संवेदना और इतिहास को भी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएगा।




