उद्यमिता पर बड़ा संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया भारतीय सोच का मूल
भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता भारतीय संस्कारों में निहित हैं। समिट में 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि और 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रुपये का ऋण सिंगल क्लिक से प्रदान किया गया।

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत प्राचीन काल से ही व्यापार, उद्यमिता और नवाचार की समृद्ध परंपरा वाला देश रहा है। पुरुषार्थ, व्यवसाय और नवाचार भारतीय संस्कारों में निहित हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नए-नए अवसरों का प्रदेश है और युवा ही देश को नई सोच व नई दिशा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026 के दो दिवसीय आयोजन को संबोधित कर रहे थे।
स्टार्ट-अप भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 6 करोड़ से अधिक MSME हैं, जो भारत की GDP में 30 प्रतिशत से अधिक और कुल निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत का योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप्स का योगदान भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अतुलनीय है और भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा।
सिंगल क्लिक से करोड़ों की सहायता राशि वितरित
समिट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने—
- 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण
- सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किया।
- इसके साथ ही उन्होंने सफल स्टार्ट-अप फाउंडर्स और इन्क्यूबेटर्स को सम्मानित किया।
एमओयू, बुकलेट विमोचन और निवेश सहायता
समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के साथ Federation of Indian Export Organisations के बीच पंचवर्षीय एमओयू सहित Central Bank of India, Karvy Startup Labs और Startup Middle East के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के सफल स्टार्ट-अप्स पर आधारित एक बुकलेट का विमोचन भी किया और चार स्टार्ट-अप फाउंडर्स को बैंक ऋण व निवेश सहायता प्रदान की।
डॉ. जगदीश चंद्र बोस का उदाहरण देकर नवाचार पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया को पौधों में प्राण होने का सिद्धांत दिया, लेकिन उनके नवाचार को उस समय पर्याप्त पहचान नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में स्टार्ट-अप और रिसर्च को देशभर में प्रोत्साहन मिल रहा है। इंदौर में ही आज 2200 से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं।
युवा अब जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर: चैतन्य काश्यप
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि युवा शक्ति अपनी क्षमताओं से दुनिया बदल सकती है। राज्य सरकार की स्टार्ट-अप पॉलिसी 2025 के तहत नए स्टार्ट-अप को इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है।
एक दिन में कंपनी रजिस्ट्रेशन संभव: मुख्य सचिव अनुराग जैन
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 16 जनवरी 2016 को शुरू की गई Startup India–Standup India पहल से युवाओं के सपनों को नए पंख मिले हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अब एक दिन में कंपनी रजिस्ट्रेशन संभव है, जबकि जर्मनी जैसे देश में इसके लिए 22 दिन लगते हैं।
6500 से अधिक स्टार्ट-अप, 47% का नेतृत्व महिलाओं के हाथ
प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में 6500 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप संचालित हैं, जिनमें से 3100 से अधिक स्टार्ट-अप महिला उद्यमियों द्वारा लीड किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य स्टार्ट-अप की संख्या 10 हजार तक पहुंचाना है।
प्रदर्शनी का अवलोकन, फाउंडर्स से संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित स्टार्ट-अप प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया और सभी स्टॉल्स का निरीक्षण कर फाउंडर्स को नवाचारों के लिए बधाई दी।
मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता
- सर्वश्रेष्ठ युवा उद्यमी: इशिता मोदी, वरुण रहेजा, तेजस जैन
- सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी: राशि बहल मेहरा, डॉ. हिमांशा सिंह, उर्वशी पोरवाल
- सर्वश्रेष्ठ ग्रोथ स्टार्ट-अप: आरिफ कुरैशी, सावन लड्डा, आरती एवं गोविंद अग्रवाल
- बेस्ट इनोवेशन स्टार्ट-अप: भरत कृतवानी, शुभम सिंह, प्रतीक वत्स, दीपेश श्रीवास्तव




