खरगे के बयान के बाद बढ़ी अटकलें, शिवकुमार से मुलाकात पर सिद्धारमैया ने कहा— राहुल तय करेंगे रास्ता
कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी सियासी खींचतान पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि अंतिम फैसला राहुल गांधी ही लेंगे। मल्लिकार्जुन खरगे और डीके शिवकुमार के बयानों पर भी दी प्रतिक्रिया।
नई दिल्ली. कर्नाटक में सत्ता और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले जहां नवंबर में बदलाव की अटकलें थीं, वहीं अब मकर संक्रांति के बाद संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया सामने आई है।
नेतृत्व पर फैसला राहुल गांधी का अधिकार: सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ किया कि नेतृत्व को लेकर कोई भी निर्णय राहुल गांधी ही लेंगे। उन्होंने कहा, “नेतृत्व परिवर्तन जैसी किसी भी बात की जानकारी मुझे नहीं है। राहुल गांधी और हाईकमान जो भी फैसला लेंगे, हम सभी उसे स्वीकार करेंगे। अंतिम अधिकार उन्हीं का है और हम उनके निर्णय से बंधे हुए हैं।”
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर जताई नाराजगी
बार-बार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर उठ रहे सवालों पर सिद्धारमैया ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “एक ही मुद्दे पर बार-बार सवाल पूछने की क्या जरूरत है? मैं अपनी बात स्पष्ट कर चुका हूं, फिर इस पर चर्चा क्यों की जा रही है?” उन्होंने दोहराया कि ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है, जिससे यह संकेत मिले कि उनका कार्यकाल कम किया जाएगा या मकर संक्रांति के बाद कोई बदलाव होगा।
‘कोई भी पार्टी से बड़ा नहीं’ — खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं है, सिद्धारमैया ने सहमति जताई। उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल सही है। कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता। हम सभी इस सच्चाई को स्वीकार करते हैं।”
डीके शिवकुमार से मुलाकात पर भी दी सफाई
अपने करीबी विधायक के.एन. राजन्ना की डीके शिवकुमार से मुलाकात को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “शिवकुमार प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनसे मिलना स्वाभाविक है। इसमें परेशानी जैसी कोई बात नहीं है।”
नियुक्तियों के क्रेडिट पर तंज
डीके शिवकुमार के उस दावे पर कि उन्होंने ही राजन्ना को जिला सहकारी बैंक का चेयरमैन बनाया था, सिद्धारमैया ने तंज कसते हुए कहा कि क्रेडिट लेना उतना महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा, “नियुक्तियां सरकार की ओर से होती हैं, यही सबसे अहम बात है।”




