कमलनाथ का हमला: फर्जी आवेदनों से प्रभावित हो सकता है मतदान
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में फर्जी आवेदनों से मतदाता सूची में नाम कटने के मामलों को लेकर चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाए। फॉर्म-7 के जरिए वोट चोरी का आरोप।

भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने मतदाता सूची में नाम कटवाने से जुड़े फर्जी आवेदनों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजधानी भोपाल में सामने आए मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर लगातार फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
फॉर्म-7 के जरिए नाम कटवाने के हजारों फर्जी आवेदन
कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोगों ने दूसरों के नाम से फॉर्म-7 भरकर मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए आवेदन किए हैं। उन्होंने दावा किया कि केवल भोपाल में ही 9 हजार से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जो मतदाता के अधिकारों पर सीधा हमला है।
सुनियोजित तरीके से हो रही है वोट चोरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के जरिए नाम कटवाने के ये आवेदन देश के मतदाताओं के अधिकार छीनने का सुनियोजित षड्यंत्र हैं। उन्होंने कहा कि जब निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन कर रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करना उन्हीं की जिम्मेदारी है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में उस पते पर निवास करता है या नहीं।
गैर-सरकारी व्यक्तियों को आवेदन की अनुमति पर सवाल
कमलनाथ ने कहा कि गैर-सरकारी व्यक्तियों को किसी का भी नाम कटवाने का आवेदन देने की अनुमति देकर चुनाव आयोग ने वैध मतदाताओं के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के इस षड्यंत्र को हर हाल में रोका जाना चाहिए।
प्रशासन ने जांच के दिए संकेत, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
भोपाल में सामने आए करीब 9 हजार मामलों को प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की बात कही है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने एक ओर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर वोट चोरी के आरोप लगाते हुए भाजपा को घेरने की कोशिश तेज कर दी है।




