ग्रामीण रोजगार को बड़ी राहत: ‘जी राम जी’ विधेयक बना कानून, 125 दिन का काम तय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जी राम जी विधेयक 2025 को मंजूरी दी। मनरेगा की जगह लागू नए कानून में ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई। शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज।
नई दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB–जी राम जी) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह अब ‘जी राम जी’ कानून लागू हो गया है। नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना मजदूरी रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
संसद में विपक्ष के विरोध के बीच विधेयक पारित
गुरुवार को संसद में विपक्ष के कड़े विरोध के बावजूद जी राम जी विधेयक पारित कर दिया गया। इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों का जोरदार जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जीवित रखा है। मनरेगा की जगह नया कानून लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने के आरोपों को चौहान ने सिरे से खारिज कर दिया।
मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस पर निशाना
- शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “कांग्रेस-नीत सरकार ने मनरेगा को उसकी पूरी ताकत के साथ लागू नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सही मायनों में जमीन पर उतारा।”
- उन्होंने यूपीए और एनडीए सरकारों के कार्यकाल की तुलना करते हुए बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान जहां 1660 करोड़ श्रम दिवस सृजित हुए थे, वहीं मोदी सरकार के कार्यकाल में यह आंकड़ा बढ़कर 3210 करोड़ श्रम दिवस तक पहुंच गया।
- उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार से पहले योजना में महिलाओं की भागीदारी 48 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 56.73 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने गांधी के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग किया है।
क्या है ‘जी राम जी’ कानून
जी राम जी कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन से जुड़ा हुआ है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और कृषि उत्पादकता को मजबूत करना है। इस विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में शामिल हैं—
- ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना रोजगार गारंटी 125 दिन
- स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर जोर
- श्रमिक सुरक्षा और कल्याण
- विभिन्न ग्रामीण योजनाओं का एकीकरण
कृषि और गैर-कृषि रोजगार के बीच संतुलन
सरकार के अनुसार, यह कानून ग्रामीण आय सुरक्षा को मजबूत करेगा, मजदूरी रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और पर्यावरण संरक्षण व स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा देगा।
ग्रामीण भारत को नई दिशा
सरकार का दावा है कि जी राम जी कानून से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और यह योजना गांवों में रोजगार, आजीविका और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।




