जीतू पटवारी के खिलाफ कोर्ट का सख्त रुख, पुलिस तलाश में जुटी
ग्वालियर की MP–MLA कोर्ट ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ 500 रुपये का जमानती वारंट जारी किया। मामला लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा, अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026।

ग्वालियर. मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के खिलाफ एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। वारंट की राशि 500 रुपये निर्धारित की गई है। पटवारी के न्यायालय में पेश न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा मामला
यह प्रकरण लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान का है। 4 मई 2024 को भिंड जिले के उमरी थाना क्षेत्र में जीतू पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ करने का सार्वजनिक बयान दिया था।
इस बयान के बाद बसपा प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता अशोक गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इस प्रकरण में केवल जीतू पटवारी को आरोपी बनाया गया है।
कोर्ट के नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए पटवारी
एमपी–एमएलए कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को पटवारी को प्रकरण में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया था। हालांकि, वे निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 500 रुपये का जमानती वारंट जारी किया।
पुलिस को नहीं मिल रहे पटवारी
वारंट जारी होने के बाद पुलिस द्वारा जीतू पटवारी की तलाश की जा रही है, लेकिन फिलहाल वे उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इससे पहले भी लगभग आठ महीने पूर्व इसी मामले में कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया जा चुका है।
20 फरवरी 2026 को अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। यह वारंट जमानती है, यानी जीतू पटवारी 500 रुपये की जमानत राशि जमा कर जमानत पर रिहा हो सकते हैं, लेकिन सुनवाई के दौरान न्यायालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।




