गुस्साई भीड़ के बीच पहुंचे अयातुल्लाह खामेनेई: बोले—‘डोनाल्ड ट्रंप के हाथ खून से सने’
ईरान में प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का बड़ा बयान। अमेरिका और इजरायल पर उपद्रव भड़काने का आरोप, डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला।

तेहरान. ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई आज खुद जनता के सामने आए। सरकारी टीवी चैनल पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने एक ओर शांति बनाए रखने की अपील की, तो दूसरी ओर उपद्रव के लिए इजरायल और अमेरिका पर ठीकरा फोड़ा। खामेनेई ने आरोप लगाया कि ईरान में हिंसा फैलाने के पीछे इजरायल और अमेरिका के “आतंकी एजेंट” हैं।
ट्रंप पर तीखा हमला
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “ट्रंप के हाथ खून से रंगे हैं। उन्होंने ईरान के लोगों का खून बहाया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की सत्ता खत्म होगी और उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति पद से जाना होगा। खामेनेई ने ट्रंप को नसीहत दी कि वे ईरान के मामलों में दखल देने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान दें।
प्रशासन का सख्त रुख
ईरानी प्रशासन ने आंदोलनकारियों को देशविरोधी करार देते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरकार ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर उपद्रव भड़काने की अपील करने वालों पर भी कड़ा एक्शन लिया जाएगा। खामेनेई ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के इशारों पर काम करने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए क्यों जला रहे अपना मुल्क?”
सरकारी टीवी पर प्रसारित कार्यक्रम में आंदोलनकारियों को इजरायल और अमेरिका के इशारे पर काम करने वाले एजेंट बताया गया। इसी सुर में खामेनेई ने सवाल उठाया कि आखिर कुछ लोग दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपने ही शहरों और गलियों में तबाही क्यों मचा रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने बयान दिया था कि अगर आंदोलनकारियों पर बर्बरता होती है तो अमेरिका उनकी रक्षा करेगा।
रजा पहलवी की सक्रियता और ‘डीप स्टेट’ की चर्चा
इस बीच, ईरान में निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की अचानक सक्रियता ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है। आंदोलन के दौरान उनके नाम के नारे लगाए जा रहे हैं।
पहलवी को अमेरिका के करीब माना जाता है, इसी वजह से ईरान की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस पूरे आंदोलन के पीछे अमेरिकी ‘डीप स्टेट’ का हाथ हो सकता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका दूर रहे, वरना उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा।




