भागीरथपुरा कांड पर कांग्रेस की न्याय यात्रा, इंदौर में दिग्विजय सिंह ने उठाई न्यायिक जांच की मांग
भागीरथपुरा दूषित पानी मौत मामले में इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा। दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच, मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस्तीफे की मांग की।

इंदौर. भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर ताकत दिखाते हुए मंगलवार को इंदौर में न्याय यात्रा निकाली। इस यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा, मीनाक्षी नटराजन, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस विधायक और बड़े नेता शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के पहुंचने के इंतजार में कुछ देर तक यात्रा रुकी भी रही।
हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग
न्याय यात्रा में शामिल दिग्विजय सिंह ने भागीरथपुरा मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों और जिम्मेदार नेताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री की भी जिम्मेदारी बनती है और उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
हिंदू महा सम्मेलन पर भी उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने इस दौरान हिंदू महा सम्मेलन के आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस दर्दनाक घटना में हिंदू समाज के लोगों की जान गई है, ऐसे में क्या इस तरह के आयोजन को आगे नहीं टाला जा सकता था? उन्होंने कहा कि देश में दोबारा नफरत और तनाव की आग नहीं भड़काई जानी चाहिए।
मौन रैली के रूप में निकली न्याय यात्रा
जिला और शहर कांग्रेस का दावा है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हो रहे हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार, यह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं की नहीं बल्कि जनता की आवाज है।
न्याय यात्रा की शुरुआत बड़ा गणपति से मौन रैली के रूप में हुई और इसका समापन राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा पर किया गया। यात्रा में सबसे आगे कांग्रेस सेवा दल और महिला कांग्रेस, उसके बाद प्रदेश नेतृत्व और अंत में शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल रहे।
एक-एक करोड़ मुआवजे और इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और नगर निगम की लापरवाही के चलते लोगों की जान गई, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि पद पर बने हुए हैं। कांग्रेस ने मृतकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, मंत्री और महापौर से इस्तीफे की मांग करते हुए हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया।




