‘पानी सुरक्षित है’ का दावा, इंदौर मेयर और पार्षद ने नल का पानी पिया
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में 24 मौतें, 16 मरीजों का इलाज जारी। तीन दिन की जांच के बाद 30% इलाके में नर्मदा जलप्रदाय बहाल, मेयर ने नल का पानी पीकर किया भरोसा बहाल।

इंदौर. इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी के मामले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आईसीयू में भर्ती 6 मरीजों में से 1 को वार्ड में रेफर किया गया है, जबकि 3 मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर बने हुए हैं। इसके अलावा 11 मरीज सामान्य वार्ड में भर्ती हैं। कुल मिलाकर 16 मरीजों का इलाज अभी जारी है।
मेयर ने नल का पानी पीकर की गुणवत्ता की जांच
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा कर जलप्रदाय की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने नर्मदा जलप्रदाय के तहत नल से पानी भरकर स्वयं पीया और उसकी गुणवत्ता की जांच की। उनके साथ क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी पानी पीकर नागरिकों को भरोसा दिलाने का प्रयास किया।
तीन दिनों की जांच के बाद जल को बताया सुरक्षित
मेयर ने कहा कि नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पिछले कई दिनों से राहत एवं सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से जलप्रदाय के दौरान नियमित सैंपलिंग की गई और सभी आवश्यक जांचों में पानी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुरक्षित पाया गया।
30% हिस्से में नर्मदा जलप्रदाय पुनः शुरू
सभी जांचों में जल सुरक्षित पाए जाने के बाद शुक्रवार से भागीरथपुरा क्षेत्र के लगभग 30% हिस्से—जहाँ करीब 15 हजार की आबादी रहती है—में नर्मदा जलप्रदाय दोबारा शुरू कर दिया गया है।
मेयर ने नागरिकों से अपील की कि जलप्रदाय बहाल होने के बावजूद एहतियातन पानी को उबालकर ही उपयोग में लें और नगर निगम, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पूर्ण पालन करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या असुविधा होने पर लोग तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि त्वरित समाधान किया जा सके।




