इंडिगो का बड़ा क्रैश! 6 दिनों में उड़ गए 37,000 करोड़, शेयरधारकों को भारी नुकसान
बीते 6 कारोबारी सत्रों में इंडिगो के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिली है, जिससे कंपनी का करीब 37,000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप खत्म हो गया है।

नई दिल्ली. इंडिगो एयरलाइन (IndiGo Crisis) में मची उथल-पुथल से लाखों यात्रियों के साथ-साथ कंपनी के शेयरधारक भी परेशान हैं। बीते 6 कारोबारी सत्रों में इंडिगो के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिली है, जिससे कंपनी का करीब 37,000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप खत्म हो गया है।
इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 1 दिसंबर से गिरावट की शुरुआत हुई थी और यह सिलसिला 8 दिसंबर को भी जारी रहा। सोमवार को शेयरों में 10 फीसदी तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
8 दिसंबर को शेयरों का हाल
8 दिसंबर को इंडिगो के शेयर 5110 रुपये पर खुले और गिरकर 4842 रुपये का लो बना लिया। अंत में यह शेयर 8.32 फीसदी की कमजोरी के साथ 4923.50 रुपये पर बंद हुआ।
पिछले 6 कारोबारी सत्रों में एक शेयर की कीमत 950 रुपये से ज्यादा टूट चुकी है। इस गिरावट के बीच कई अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्मों ने इंडिगो के शेयरों का टारगेट प्राइस घटा दिया है।
एक दिन में 1,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल होने का असर
हाल ही में इंडिगो ने एक ही दिन में 1,000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी थीं, जो भारत के विमानन इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा डेली कैंसिलेशन आंकड़ा माना जा रहा है।
यह स्थिति पायलटों के लिए संशोधित फ्लाइंग ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) के लागू होने के बाद सामने आए ऑपरेशनल इश्यू के कारण बनी। कंपनी में जारी इस अव्यवस्था का बिजनेस पर सीधा और नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने टारगेट प्राइस में कटौती की है।
ब्रोकरेज हाउसेज के नए टारगेट प्राइस
- UBS: बाय रेटिंग बरकरार, टारगेट प्राइस घटाकर 6350 रुपये
- इन्वेस्टेक: सेल रेटिंग के साथ 4040 रुपये का टारगेट
- जेफरीज: बाय रेटिंग कायम, टारगेट प्राइस 7025 रुपये
शेयर का हालिया और दीर्घकालीन प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम के चलते इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो के शेयरों में एक सप्ताह में करीब 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इस साल अब तक: लगभग 7 फीसदी का रिटर्न पिछले 5 साल में: शेयर 180 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है




