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दुनिया की निगाहें भारत पर: 22 मुस्लिम देशों की बैठक में बड़े फैसलों की संभावना

भारत शनिवार को नई दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा। 22 अरब देशों की भागीदारी वाली यह बैठक 10 साल बाद हो रही है और भारत-अरब साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।

नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत इस सप्ताह के अंत में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। आगामी शनिवार को राजधानी नई दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक आयोजित होगी, जिसमें अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। गौरतलब है कि यह बैठक 10 वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है और पहली बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है।

विदेश मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अरब लीग सचिवालय होंगे शामिल

जानकारी के अनुसार, बैठक में अरब देशों के विदेश मंत्री, राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अरब लीग सचिवालय अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात संयुक्त रूप से करेंगे। इसमें अरब लीग के महासचिव भी भाग लेंगे।

बैठक से एक दिन पहले, शुक्रवार को भारत और अरब देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच प्रारंभिक वार्ता भी आयोजित की जाएगी।

दस साल बाद हो रही दूसरी बैठक

भारत-अरब विदेश मंत्रियों की यह दूसरी बैठक 2016 के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है। इससे पहले दोनों पक्षों की पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सहयोग के पांच प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान की थी—

  • अर्थव्यवस्था
  • ऊर्जा
  • शिक्षा
  • मीडिया
  • संस्कृति

इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और पहलों का प्रस्ताव रखा गया था।

मौजूदा सहयोग को और सुदृढ़ करने पर रहेगा फोकस

शनिवार को होने वाली बैठक में भारत और अरब देशों के बीच मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, भारत-अरब साझेदारी को और अधिक व्यापक, सुदृढ़ और भविष्य-उन्मुख बनाने पर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हो सकता है।

अरब लीग में भारत की भूमिका

गौरतलब है कि भारत, 22 सदस्य देशों वाले पैन-अरब संगठन अरब लीग में पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) की भूमिका निभाता है। भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक, भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली सर्वोच्च संस्थागत व्यवस्था मानी जाती है। इस साझेदारी को मार्च 2002 में औपचारिक रूप दिया गया था, जब भारत और अरब लीग के बीच संवाद को संस्थागत स्वरूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना का इतिहास

इसके बाद दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग महासचिव अमर मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए एक और सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। 2013 में, इस मंच की संरचनात्मक व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से इसमें आवश्यक संशोधन भी किए गए थे।

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