मध्य प्रदेश

ग्वालियर व्यापार मेला बना कार खरीदारों की पहली पसंद, 25 दिन में 8 हजार प्री-बुकिंग

ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीद पर 50% रोड टैक्स छूट की अधिसूचना जारी। दोपहिया-चारपहिया और लग्जरी कार खरीदारों को बड़ा फायदा, बिक्री में तेजी की उम्मीद।

ग्वालियर. ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने ग्वालियर व्यापार मेले में वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट की अधिसूचना जारी कर दी है। नोटिफिकेशन जारी होते ही अब मेले में इस छूट का लाभ मिलना शुरू हो गया है।

कैबिनेट में हो चुकी थी घोषणा

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 13 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में इस छूट की घोषणा की गई थी। लंबे समय से व्यापारी संगठनों और वाहन विक्रेताओं द्वारा रोड टैक्स में छूट की मांग की जा रही थी। अधिसूचना जारी होने के बाद मेले में वाहन बिक्री में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, खासतौर पर दोपहिया और चारपहिया सेगमेंट में।

खरीदारों को डबल फायदा: टैक्स छूट + डीलर ऑफर

यदि आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ग्वालियर व्यापार मेला इस समय एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। एक ओर रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिल रही है, वहीं दूसरी ओर डीलर्स की ओर से आकर्षक ऑफर भी दिए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष 2025 के मेले में वैगन-आर LXI CNG की कीमत 6,57,080 रुपये थी, जबकि 2026 में लगभग समान ऑफर के बावजूद यही कार 6,40,396 रुपये में उपलब्ध है। यानी ग्राहकों को करीब 17 हजार रुपये का अतिरिक्त फायदा मिल रहा है।

25 दिन में 8 हजार से अधिक बुकिंग

मेला शुरू होने के 25 दिनों के भीतर अब तक 8 हजार से अधिक वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। रोड टैक्स छूट का लाभ 19 जनवरी से लागू होगा, इसके साथ ही वाहनों की डिलीवरी भी शुरू कर दी जाएगी। खास बात यह है कि हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश तक से लोग वाहन खरीदने ग्वालियर पहुंच रहे हैं।

उज्जैन नहीं, ग्वालियर क्यों?

ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हुआ, जबकि उज्जैन का विक्रमोत्सव मेला 16 जनवरी से आरंभ हुआ। दोनों मेलों में वाहन खरीद पर 50 फीसदी रोड टैक्स छूट की घोषणा की गई है। हालांकि उज्जैन में भी कारें सस्ती मिल रही हैं, लेकिन इंदौर-उज्जैन के आसपास के शहरों के लोग लग्जरी कारों के लिए ग्वालियर का रुख कर रहे हैं। इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं—

  • ग्वालियर मेला पुराना और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए अधिक भरोसेमंद माना जाता है।
  • उज्जैन से वाहन खरीदने पर MP-13 रजिस्ट्रेशन मिलता है, जिसे कुछ लोग शुभ नहीं मानते, जबकि ग्वालियर से MP-07 रजिस्ट्रेशन मिलता है, जिसे अधिक शुभ माना जाता है।
  • इसी का असर है कि पिछले वर्ष 50 लाख से 2 करोड़ रुपये कीमत की 128 लग्जरी कारें ग्वालियर व्यापार मेले से बिकी थीं।

टैक्स छूट के लिए निवास प्रमाण जरूरी

सामान्य तौर पर दूसरे राज्यों के लोगों को टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान या अन्य राज्यों के खरीदारों को छूट लेने के लिए ग्वालियर में निवास का प्रमाण देना होगा।

इसके लिए कम से कम दो साल का किरायानामा, आधार कार्ड में स्थानीय पता या ग्वालियर निवासी किसी रिश्तेदार के नाम पर वाहन रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। हालांकि, प्रदेश के अन्य शहरों का एड्रेस प्रूफ भी मान्य रहेगा।

सिंधिया बोले—विकास और व्यापार एक-दूसरे के पूरक

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले पर व्यापारिक संगठनों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार जताया है। व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा में उन्होंने कहा कि व्यापार और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं और मजबूत व्यापारिक गतिविधियां किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का आधार होती हैं।

व्यापार को मिलेगी नई गति

व्यापारिक संगठनों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स में छूट से वाहन बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स और सहायक उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं ग्वालियर-चंबल अंचल में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।

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