मौत से मुकाबला: JAH से पुरानी छावनी तक ग्रीन कॉरिडोर ने दिया नया जीवन
ग्वालियर में जीआरएमसी के इंटर्न डॉक्टर को गंभीर हार्ट अटैक के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 20 मिनट में पुरानी छावनी पहुंचाया गया। एयर एंबुलेंस न मिलने पर सड़क मार्ग से दिल्ली रेफर किया गया।

ग्वालियर. जीआरएमसी के इंटर्न छात्र को गंभीर हार्ट अटैक आने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। बेहतर इलाज के लिए उसे दिल्ली रेफर किया गया। शनिवार रात एयर एंबुलेंस लैंड नहीं कर सकी तो ट्रैफिक पुलिस ने आपात स्थिति में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर महज 20 मिनट में जेएएच से पुरानी छावनी तक पहुंचाया, जिससे समय रहते उसे सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना किया जा सका।
एयर एंबुलेंस नहीं पहुंची तो सड़क मार्ग का लिया फैसला
- पहले छात्र को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की तैयारी थी।
- अस्पताल प्रबंधन ने ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट किया
- एयरपोर्ट तक रास्ता क्लियर कराने की तैयारी हुई लेकिन रात तक एयर एंबुलेंस नहीं आ सकी। इसके बाद सड़क मार्ग से ले जाने का निर्णय लिया गया।
आधे घंटे में तैयार हुआ ग्रीन कॉरिडोर
- रात करीब 9:30 बजे सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस हरकत में आ गई।
- सभी प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक रोका गया
- पुलिस एस्कॉर्ट के साथ एंबुलेंस रवाना हुई
- बिना रुके 20 मिनट में पुरानी छावनी पहुंचाया गया
इसके बाद एंबुलेंस को बानमोर बॉर्डर तक सुरक्षित निकाला गया।
हाथ में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे थे अस्पताल, पड़ा सीवियर हार्ट अटैक
इंटर्न छात्र शैलेंद्र हाथ में दर्द की शिकायत लेकर न्यूरोसर्जरी विभाग पहुंचे थे, जहां अचानक उन्हें गंभीर हृदयाघात आया।
डॉक्टरों ने तत्काल प्राथमिक उपचार देकर आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन हालत नाजुक होने पर दिल्ली रेफर करना पड़ा।
परिजन दिल्ली से पहुंचे ग्वालियर
कार्डियक सेंटर के विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत रस्तोगी के मुताबिक हार्ट अटैक बेहद गंभीर था। सूचना मिलते ही छात्र के परिजन दिल्ली से ग्वालियर पहुंच गए और बेहतर इलाज के लिए उसे दिल्ली ले जाया गया।
युवा डॉक्टर के हार्ट अटैक से बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों में चिंता का माहौल है। डॉक्टरों का कहना है:
- हाथ में दर्द
- सीने में भारीपन
- सांस फूलना
- जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शहर में कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।




