तीन सगी बहनों की आत्महत्या: क्या ‘कोरियन लवर’ गेम है वजह? जांच में नए खुलासे
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत से सनसनी। पुलिस को सुसाइड नोट मिला, ऑनलाइन गेम एंगल की जांच जारी। मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच शुरू।

गाजियाबाद. गाजियाबाद से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां तीन सगी नाबालिग बहनों की मौत हो गई। घटना बीती रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, तीनों बहनों ने एक साथ इमारत की नौवीं मंज़िल से छलांग लगाई। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक बहनों की पहचान
पुलिस के मुताबिक, मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं—
- निशिका (16 वर्ष)
- प्राची (14 वर्ष)
- पाखी (12 वर्ष)
तीनों एक ही परिवार की बेटियां थीं।
सुसाइड नोट मिला, लिखा था— “मम्मी-पापा सॉरी”
घटनास्थल से पुलिस को एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिस पर केवल “मम्मी-पापा सॉरी” लिखा है। नोट की हैंडराइटिंग और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
‘कोरियन लवर’ गेम एंगल की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं, जिसे स्थानीय तौर पर ‘कोरियन लवर’ गेम बताया जा रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या किसी डिजिटल गतिविधि या गेम टास्क का इस घटना से कोई संबंध है। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस मौके पर, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामला थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी का है। परिजनों से पूछताछ जारी है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
शालीमार गार्डन के पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात करीब 2:15 बजे पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जहां तीनों बच्चियों को जमीन पर गिरने से गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तत्काल 50 शैय्या अस्पताल, लोनी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मामले में सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
पिता का बयान
मृतक बहनों के पिता चेतन कुमार ने बताया कि बेटियां एक ऑनलाइन गेम खेलती थीं और घटना वाले दिन उस गेम का आखिरी टास्क बताया जा रहा था। पुलिस ने जांच के लिए उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।
हर एंगल से जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है—
- पारिवारिक स्थिति
- मानसिक दबाव के संकेत
- डिजिटल गतिविधियां और ऑनलाइन कंटेंट
- जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।




