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कोर्ट बनाम ट्रंप! फैसले के तुरंत बाद 15% टैरिफ बढ़ाने से बढ़ी सियासी गर्मी
डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% किया। IEEPA के इस्तेमाल पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी नए टैक्स लागू, व्यापार युद्ध तेज होने के संकेत।

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए सभी देशों पर लगने वाले टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका का फायदा उठा रहे थे, लेकिन अब उनकी सरकार सख्त कदम उठा रही है। हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
- 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला देते हुए कहा कि —
- ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया
- इस कानून के तहत वैश्विक टैरिफ लगाना असंवैधानिक है
- टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं
- मुख्य न्यायाधीश जॉन जी. रॉबर्ट्स जूनियर ने फैसले में यह स्पष्ट किया।
किन टैरिफ पर नहीं पड़ा असर
कोर्ट के फैसले से —
- स्टील और एल्युमिनियम जैसे सेक्टर-विशेष टैरिफ प्रभावित नहीं हुए
- ये सेक्शन 232 जैसे अलग कानूनों के तहत लगाए गए थे
फैसले पर ट्रंप का तीखा हमला
- ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को —
- “भयानक और शर्मनाक” बताया
- कुछ जजों को “मूर्ख” कहा
- कहा कि विदेशी देश खुश हो रहे हैं, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा
- फैसले के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने नया 10% वैश्विक टैरिफ लागू कर दिया,
जिसमें कनाडा और मैक्सिको को छूट दी गई।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर
इस फैसले के बाद —
- व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ी
- कंपनियों को अरबों डॉलर के टैरिफ रिफंड की उम्मीद
- वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव तेज होने के संकेत
अब ट्रंप के पास क्या विकल्प
ट्रंप के पास अभी भी कई कानूनी रास्ते मौजूद हैं —
- सेक्शन 232 और 301 के तहत टैरिफ
- स्टील, एल्युमिनियम और ऑटो सेक्टर पर क्षेत्र-विशेष टैरिफ जारी रख सकते हैं।
- राष्ट्रीय सुरक्षा आधारित टैरिफ
- ये सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।
- नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर
- नई कानूनी रणनीति के साथ आदेश जारी कर सकते हैं।
- कांग्रेस से नया कानून
- हालांकि राजनीतिक मतभेद के कारण यह मुश्किल माना जा रहा है।
- अनुमान है कि इन विकल्पों से अगले दशक में 635 अरब डॉलर तक की कमाई हो सकती है।
व्यापार युद्ध जारी रहने के संकेत
कुल मिलाकर साफ है कि ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीति जारी रह सकती है, लेकिन अब
- ज्यादा कानूनी जांच
- ज्यादा राजनीतिक टकराव के साथ आगे बढ़ेगी।




