दिल्ली

हंगामेदार सत्र के संकेत, प्रदूषण और CAG रिपोर्ट पर तीखी बहस तय

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा। प्रदूषण पर विशेष चर्चा और तीन CAG रिपोर्टों की पेशी से सत्र के हंगामेदार रहने के आसार, विपक्ष पर सरकार का हमला।

नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 5 जनवरी से शुरू होने जा रहा है और इसके काफी हंगामेदार रहने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदूषण, कथित भ्रष्टाचार और पिछली सरकारों के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। रेखा गुप्ता सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार विधानसभा में कई अहम मुद्दों पर विपक्ष को घेरने की पूरी तैयारी है, जिससे आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

सत्र चार दिन का, 2–3 अहम प्रस्ताव होंगे पेश

मंगलवार को दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शीतकालीन सत्र की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह सत्र चार दिनों तक चलेगा और सरकार की ओर से दो से तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन में लाए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर विशेष चर्चा कराई जाएगी, ताकि सभी विधायक इस पर खुलकर अपनी राय रख सकें।

प्रदूषण पर विशेष चर्चा, 20 साल का पूरा लेखा-जोखा पेश होगा

कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति, इसके पीछे के कारण, सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सरकारों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे, वैज्ञानिकों की रिपोर्ट और विभिन्न सरकारों की जिम्मेदारियों का विस्तृत विवरण विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे अपने कार्यकाल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा सदन में रखें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहां चूक हुई और आगे किन सुधारों की जरूरत है।

तीन CAG रिपोर्ट पेश करने का ऐलान

  • शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार तीन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्टें भी विधानसभा में पेश करेगी।
  • कपिल मिश्रा ने बताया कि इनमें शीशमहल से जुड़ी रिपोर्ट भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कई CAG रिपोर्टें तैयार होने के बावजूद जानबूझकर सदन में नहीं रखी गईं।
  • सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी लंबित रिपोर्टों को अब विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। इनमें वर्ष 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली से जुड़ी रिपोर्ट और वर्ष 2023 तक उच्च शिक्षा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित रिपोर्ट भी शामिल होंगी।

5 से 8 जनवरी तक चलेगा सत्र, एलजी के अभिभाषण से होगी शुरुआत

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे वी. के. सक्सेना के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही आरंभ होगी। यह सत्र 8 जनवरी 2026 तक चलेगा। उद्घाटन दिवस पर कार्यवाही सुबह शुरू होगी, जबकि अन्य दिनों में विधानसभा की बैठकें दोपहर 2 बजे से होंगी।

राजनीतिक रूप से अहम रहेगा सत्र

प्रदूषण, CAG रिपोर्टों और पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर होने वाली चर्चा के चलते यह शीतकालीन सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के कारण दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है।

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