मध्य प्रदेश

बुरहानपुर में आंदोलन तेज: पांगरी बांध मुआवजे को लेकर किसानों के बच्चों की अगुवाई, दोगुना मुआवजा मांग

बुरहानपुर की पांगरी बांध परियोजना में मुआवजे को लेकर किसानों का आंदोलन तेज। बच्चों ने संभाली कमान, दोगुने मुआवजे की मांग। 300 से अधिक परिवार प्रभावित।

बुरहानपुर. बुरहानपुर जिले की पांगरी बांध परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में आई भूमि से प्रभावित किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। मुआवजे को लेकर सरकार और प्रशासन से संतोषजनक जवाब न मिलने पर किसान लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते महीनों में किसान पत्थर खाओ आंदोलन, भैंस के आगे बीन बजाओ और अर्धनग्न प्रदर्शन जैसे अनूठे तरीकों से अपनी मांगें उठा चुके हैं।

आंदोलन में बच्चों की एंट्री, मुख्यमंत्री को पत्र

रविवार को आंदोलन ने नया मोड़ लिया, जब प्रभावित किसानों के छोटे-छोटे बच्चों ने आंदोलन की बागडोर संभाल ली। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखा और जमीन का दोगुना मुआवजा देने की मांग की। तख्तियों पर “हमें न्याय चाहिए” और “जय जवान जय किसान” जैसे नारे लिखे थे।

प्रशासन पर कानून तोड़ने का आरोप

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रवि कुमार पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन भूमि अधिग्रहण कानून को तोड़-मरोड़ कर किसानों के सामने प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को विधिवत दो गुना मुआवजा और सांत्वना राशि मिलनी चाहिए, जबकि मौजूदा प्रक्रिया कानून के विपरीत है।

300 से अधिक परिवार प्रभावित, 287 हेक्टेयर भूमि डूबी

पांगरी मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत पांगरी, बसाली और नागझिरी गांवों के 300 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। इन गांवों की लगभग 287 हेक्टेयर भूमि बांध के डूब क्षेत्र में चली गई है, जो गन्ना, केला और कपास जैसी व्यावसायिक फसलों के लिए जानी जाती थी।

विस्थापन योजना का अभाव, मुआवजा अपर्याप्त

किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग ने न तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विस्थापन की कोई ठोस योजना बनाई है और न ही परियोजना से जुड़े आवश्यक सर्वे कराए गए हैं। जिला प्रशासन कलेक्टर दर से भूमि का मूल्य और उतनी ही पारितोषिक राशि दे रहा है, जिसे किसान अपर्याप्त बता रहे हैं।

दो बैठकें हुईं, समाधान नहीं

डॉ. रवि पटेल के अनुसार मुआवजे को लेकर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ दो बार बैठक हो चुकी है। किसान जल संसाधन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट से भी मुलाकात कर चुके हैं। मंत्री द्वारा समस्या सुलझाने के निर्देश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

निर्माण कार्य भी प्रभावित, आंदोलन जारी

मुआवजा विवाद के चलते बांध के बाद नहरों और अन्य निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि कानून के अनुसार पूरा मुआवजा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान नंदू पटेल, राहुल राठौर, संजय चौकसे, माधो नाटो, कालू चौकसे, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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