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भारत में बनेगा लो-कॉस्ट एयरक्रॉफ्ट: टैक्स छूट से एविएशन सेक्टर को रफ्तार

बजट 2026 में सरकार ने सिविल और डिफेंस एविएशन मैन्युफैक्चरिंग के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी। लागत घटेगी, निवेश और रोजगार बढ़ेगा, भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में कदम।

नई दिल्ली. यूनियन बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर को मजबूत करने के लिए अहम और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न केवल लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।

सिविल एविएशन के लिए क्या बदला

बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे भारत में विमान निर्माण सस्ता और आसान होगा तथा आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।

डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत

बजट में डिफेंस एविएशन सेक्टर के लिए भी अहम घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पार्ट्स निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल (Raw Materials) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट विशेष रूप से MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) गतिविधियों और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखकर दी गई है।

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को कैसे मिलेगा फायदा

वित्त मंत्री के अनुसार, इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना, मैन्युफैक्चरिंग लागत घटाना और भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। सरकार एविएशन और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश को आकर्षित करना चाहती है।

क्या भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब

सरकार की रणनीति भारत को सिर्फ विमान संचालन तक सीमित न रखकर, विमान निर्माण, पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग और MRO सर्विसेज का ग्लोबल सेंटर बनाने की है। कस्टम ड्यूटी में छूट जैसे कदम इस लक्ष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

रोजगार और स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्ट

इस फैसले का लाभ केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। MSME सेक्टर, एविएशन स्टार्टअप्स और स्किल्ड मैनपावर के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले वर्षों में एविएशन और एयरोस्पेस सेक्टर में हजारों नई नौकरियां सृजित होने की संभावना है।

एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों की तैयारी

बजट 2026 में एविएशन इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी-फ्री मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार भारत को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहती है। सिविल और डिफेंस दोनों सेक्टर को साथ लेकर चलने वाली यह रणनीति आने वाले समय में भारत की एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

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