मध्य प्रदेश
शहरों का बदलेगा नक्शा: MP में गलियों के चौड़ीकरण का बड़ा प्लान
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के तहत सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर तय की गई है। नई कॉलोनियों के साथ पुरानी बसाहटों में भी सड़क चौड़ीकरण की तैयारी।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) की संकरी सड़कें अब चार लेन की होंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नई पॉलिसी में सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर तय की गई है।
निर्माण एजेंसियों को भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) और नगर तथा ग्राम निवेश (T&CP) के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब इसी मानक के आधार पर भविष्य की प्लानिंग और मंजूरी दी जाएगी।
12 हजार वर्ग किमी में फैलेगा BMR
प्रस्तावित BMR में—
- भोपाल
- राजगढ़
- सीहोर
- विदिशा
- रायसेन को शामिल किया जा रहा है।
कुल मिलाकर करीब 12,099 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को BMR के दायरे में लाने की योजना है।
नई कॉलोनियों में 12 मीटर सड़क अनिवार्य
T&CP द्वारा—
- नई कॉलोनियों की मंजूरी में
- 12 मीटर रोड चौड़ाई को अनिवार्य शर्त बनाया जाएगा
- ताकि भविष्य में ट्रैफिक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपात सेवाओं को कोई दिक्कत न हो।
पुरानी बसाहटें बनेंगी सबसे बड़ी चुनौती
- इस पॉलिसी को लागू करने में पुरानी बस्तियां सबसे बड़ी चुनौती होंगी—
- कई इलाकों में तीन मीटर से भी कम चौड़ी गलियां
- मुख्य सड़कें भी केवल 7 से 10 मीटर चौड़ी
- ऐसे क्षेत्रों में न्यूनतम 12 मीटर चौड़ाई सुनिश्चित करने के लिए—
- मकानों और दुकानों को तोड़ना पड़ेगा
- चरणबद्ध तरीके से सड़क चौड़ीकरण किया जाएगा
क्यों जरूरी हैं चौड़ी सड़कें?
BMR में 2,524 गांव शामिल किए जा रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य—
- भोपाल पर बढ़ते ट्रैफिक और आबादी का दबाव कम करना
- आसपास के जिलों का भोपाल की तर्ज पर विकास
- जिलों के बीच बेहतर आपसी कनेक्टिविटी
- भविष्य की बसाहट और ट्रैफिक को देखते हुए चौड़ी सड़कें आवश्यक मानी जा रही हैं।
सुनियोजित विकास पर फोकस
अधिकारियों के अनुसार— “बीएमआर में सुनियोजित विकास के तहत पॉलिसी तय की जा रही है। हमारी टीम इस पर काम कर रही है और समग्र विकास की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।”




