मध्य प्रदेश

आईटीआई सुधारों से बदलेगा भविष्य: कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की पहल

भोपाल में आयोजित कार्यशाला में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि ITI संबद्धता मानदंड–2025 से कौशल प्रशिक्षण सीधे रोजगार और उद्योग की जरूरतों से जुड़ेगा।

भोपाल. कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे सीधे रोजगार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना रोजगारोन्मुख कौशल विकास संभव नहीं है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने यह बात भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क में आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 पर आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।

नई संबद्धता नीति से बढ़ेगी गुणवत्ता और पारदर्शिता

राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नवीन संबद्धता मानदंडों से प्रशिक्षण प्रणाली में एकरूपता और स्पष्टता आएगी। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मध्यप्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुणवत्ता पर जोर

श्री टेटवाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कौशल प्रशिक्षण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उद्योग से प्रासंगिकता भी मजबूत हो।

उन्होंने राज्य संचालनालयों, शासकीय एवं निजी आईटीआई प्रबंधन और उद्योग प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इन नए मानदंडों को सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राज्य-स्तरीय कार्यशाला का उद्देश्य

आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर यह कार्यशाला मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नवीन संबद्धता मानदंडों की स्पष्ट, व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक जानकारी प्रदान करना रहा।

पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध प्रक्रिया

कार्यशाला में बताया गया कि संशोधित मानदंडों के माध्यम से आईटीआई की संबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

नए आईटीआई की स्थापना, ट्रेड एवं यूनिट स्वीकृति, नवीनीकरण, निरीक्षण और मूल्यांकन प्रणाली को सरल किया गया है, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलेगी।

उद्योग–संस्थान–सरकार के बीच बेहतर समन्वय

कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कौशल विकास को वास्तविक रोजगार से जोड़ने पर सार्थक संवाद हुआ। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 को इस समन्वय को मजबूत करने वाला प्रभावी माध्यम बताया गया।

विभिन्न राज्यों और संस्थानों की सहभागिता

कार्यशाला में केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (DGT), नई दिल्ली, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकारी, शासकीय व निजी आईटीआई, इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत से जुड़े हितधारक शामिल हुए। महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT) के प्रतिनिधियों ने संबद्धता मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए सभी प्रक्रियाओं और प्रावधानों की चरणबद्ध जानकारी दी।

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