तोंद बढ़ी तो बीमारी पक्की! सेहत के लिए चेतावनी
बढ़ती तोंद सिर्फ शरीर की बनावट नहीं बिगाड़ती, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ाती है। जानिए कारण, जोखिम और फ्लैट पेट के असरदार उपाय।
बढ़ती तोंद शरीर को बेडौल तो बनाती ही है, नए अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि इससे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कमर का बढ़ता घेराव अब सिर्फ फिटनेस का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जोखिम का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
भारत में क्यों अनदेखी रहती है तोंद?
हमारे देश में अधिकांश लोग यह स्वीकार ही नहीं करते कि उनकी तोंद बढ़ रही है। कई लोग यह भी नहीं जानते कि कमर का बढ़ता आकार स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। देश-विदेश में हुए कई शोध स्पष्ट करते हैं कि पेट के उभार का सीधा संबंध हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से है।
पुरुष नहीं, भारत में महिलाएं ज्यादा प्रभावित
वैश्विक शोधों के अनुसार आमतौर पर पुरुषों में तोंद अधिक होती है और महिलाओं में कूल्हों के आसपास चर्बी जमा होती है। लेकिन भारत में तस्वीर कुछ अलग है।
राजस्थान (ग्रामीण व शहरी), उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और कर्नाटक—इन छह राज्यों में 7,000 लोगों पर किए गए अध्ययन में सामने आया कि भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की तोंद अधिक है। 50 वर्ष की उम्र के बाद हर चार में से एक महिला के लिए पेट की चर्बी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन रही है।
बीएमजी ओपन की रिपोर्ट में क्या खुलासा?
ऑनलाइन जर्नल BMJ Open में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार—
- अध्ययन में शामिल 14% लोग ओवरवेट थे।
- इनमें हर तीन में से एक व्यक्ति की कमर तय सीमा से अधिक थी।
- पुरुष: 35.4 इंच से अधिक
- महिलाएं: 31.4 इंच से अधिक
- तोंद वाली महिलाओं में से 69% अमीर वर्ग और 46% मध्यम व निम्न मध्यम वर्ग से थीं।
तोंद और बीमारियों का खतरनाक रिश्ता
- अब तक अप्रकाशित एक अध्ययन, जिसे एम्स दिल्ली ने 20–60 वर्ष आयु वर्ग के 500 से अधिक लोगों पर किया, और भी चिंताजनक है।
- एम्स के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. नवल विक्रम के अनुसार—
- “बढ़ी तोंद वाले पुरुषों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग का खतरा 12 गुना, जबकि महिलाओं में 20 गुना तक बढ़ जाता है।”
पेट की चर्बी क्यों है ज्यादा खतरनाक?
गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आर. आर. कासलीवाल बताते हैं कि आंतों से निकलने वाला फैट रक्त में फैटी एसिड्स छोड़ता है, जो हार्मोन के साथ मिलकर—
- सूजन बढ़ाता है
- बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाता है
- ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को असंतुलित करता है
इससे न केवल हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है, बल्कि रजोनिवृत्ति के बाद स्तन और गर्भाशय कैंसर जैसे एस्ट्रोजन-संवेदनशील कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।
कैसे बढ़ी यह समस्या?
फोर्टिस सी-डॉक के अध्यक्ष डॉ. अनूप मिश्रा बताते हैं कि भारत में किए गए अध्ययन में—
- पुरुषों की सुरक्षित कमर सीमा: 78 सेमी
- महिलाओं की सुरक्षित कमर सीमा: 72 सेमी
- इससे अधिक कमर वाले लोग, भले ही वजन सामान्य हो, कम से कम एक मेटाबॉलिक बीमारी के खतरे में पाए गए।
- अमेरिका में नर्सेज हेल्थ स्टडी (45,000 महिलाओं पर 16 वर्षों का अध्ययन) में यह पाया गया कि 35 इंच या उससे अधिक कमर वाली महिलाओं में हृदयाघात से मृत्यु का खतरा दोगुना था।
तोंद बढ़ने के प्रमुख कारण
- असंतुलित खान-पान
- पैकेट और प्रोसेस्ड फूड
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- हार्मोनल बदलाव
तनाव और नींद की कमी
आनुवंशिक कारण
डॉक्टरों के अनुसार, अच्छे वजन वाले फिट दिखने वाले लोगों को भी तोंद हो सकती है।
सतर्क हो जाएं अगर…
- शरीर में अतिरिक्त फैट है
- रोज 6–7 घंटे की नींद नहीं लेते
- ट्रांस फैट और पैकेट वाला खाना ज्यादा खाते हैं
- फल-सब्जियां कम खाते हैं
- रोज 2 गिलास से अधिक शराब पीते हैं
- अत्यधिक तनाव में रहते हैं
- फैटी लिवर या पेट के आसपास सूजन है
बढ़ता खतरा: शरीर के अंदर क्या होता है?
पेट की चर्बी लिवर, किडनी और आंतों के आसपास जमा होकर—
- कुल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है
- LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाती है
- HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) घटाती है
- ब्लड प्रेशर बढ़ाती है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करती है
फ्लैट पेट के लिए 5 असरदार उपाय
- पर्सनल ट्रेनर शालिनी भार्गव के अनुसार, पेट कम करने के लिए निरंतरता और धैर्य जरूरी है—
- एरोबिक एक्सरसाइज करें
- क्रंचेज (स्टेबिलिटी बॉल/डंबल्स के साथ)
- प्लैंक्स जरूर करें
- चलते-बैठते पेट अंदर रखें और सीधी मुद्रा अपनाएं
- रोज 10 ग्राम फाइबर लें (2 सेब या 2 कप ब्रोकली)
इन आदतों से मिलेगी जल्दी राहत
- ताजे फल और सब्जियां खाएं
- होल ग्रेन (संपूर्ण अनाज) अपनाएं
- रोज कम से कम 40 मिनट व्यायाम करें
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वेट एक्सरसाइज करें
- तनाव कम करें, शराब सीमित करें




