बालाघाट नाबालिग प्रकरण: 13 वर्षीय छात्रा का प्रसव, प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बालाघाट में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की नाबालिग छात्रा के मां बनने का मामला सामने आया, आरोपी नाबालिग गिरफ्तार, लापरवाही पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित।

बालाघाट. जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही आठवीं कक्षा की साढ़े 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के मां बनने की घटना ने आवासीय छात्रावासों में बच्चियों के स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अस्पताल चौकी से सूचना मिलने के बाद महिला थाना द्वारा प्रारंभिक कार्रवाई की गई और आगे की जांच के लिए मामले की जानकारी गढ़ी थाना को भेजी गई है।
नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, किशोर न्यायालय में होगा पेश
पुलिस के अनुसार नाबालिग छात्रा को गर्भवती करने वाले नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को शनिवार को किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।
लापरवाही पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित
मामले के सामने आने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बैहर विकासखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की अधीक्षिका, प्राथमिक शिक्षक चैनबती सैयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन का कारण छात्रा के स्वास्थ्य में बदलाव के बावजूद संवेदनशीलता न दिखाना और आवश्यक निगरानी न करना बताया गया है।
परसामऊ आवासीय छात्रावास में रहती थी छात्रा
जानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा गढ़ी थाना क्षेत्र के परसामऊ स्थित आवासीय छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसके गर्भवती होने और बाद में एक बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया।
जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित है छात्रावास
यह आवासीय छात्रावास जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित होता है। जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी जी.पी. बर्मन ने बताया कि छात्रा की तबीयत अक्सर खराब रहती थी और वह अधिकांश समय अपने घर पर ही रहती थी। पुलिस को दिए बयान में यह बात सामने आई है कि पीड़ित छात्रा के उसी गांव के एक व्यक्ति से शारीरिक संबंध थे।
महिला थाना की प्रारंभिक कार्रवाई, जांच गढ़ी थाना को सौंपी
महिला थाना प्रभारी किरण वरकड़े ने बताया कि अस्पताल चौकी से सूचना मिलने के बाद प्रारंभिक कार्रवाई की गई थी। मामले की आगे की जांच गढ़ी थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
अधिकारियों का बयान: स्वास्थ्य निगरानी में गंभीर चूक
सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रावास अधीक्षिका ने छात्रा के स्वास्थ्य में बदलाव को गंभीरता से नहीं लिया। न तो पृथक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और न ही छात्रा की लगातार अनुपस्थिति को लेकर अभिभावकों से संपर्क किया गया। पदीय कर्तव्यों में इस लापरवाही के चलते निलंबन की कार्रवाई की गई है।




