जहर उगलने का आरोप: मुस्लिम देशों से अपील के बाद आसिम मुनीर फिर विवादों में
पाकिस्तान के सैन्य चीफ आसिम मुनीर ने लीबिया में दिए भाषण में मुस्लिम देशों से ‘अल्लाह के दुश्मनों’ के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। भड़काऊ बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज।
नई दिल्ली. पाकिस्तान के सैन्य चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर से भड़काऊ बयानबाजियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अफ्रीकी और अरब देशों के दौरे पर निकले मुनीर ने एक बार फिर विवादित टिप्पणी करते हुए मुस्लिम देशों से ‘अल्लाह के दुश्मनों’ के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। बीते सप्ताह अफ्रीकी देश लीबिया में दिए गए उनके भाषण का एक हिस्सा सामने आया है, जिसने नई बहस छेड़ दी है।
मुस्लिम दुनिया को बताया ‘दर्द में’
अंग्रेजी में दिए गए अपने भाषण में मुनीर ने मुस्लिम देशों के बीच धार्मिक एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अगर हम दुनिया को देखें, तो पाएंगे कि मुस्लिम दुनिया मुश्किल और दर्द में है। पिछले 20 वर्षों में सात या आठ शानदार मुस्लिम देश एक-एक करके तबाह हो गए हैं।” मुनीर ने आगे आरोप लगाया कि मुस्लिम दुनिया आज उन लोगों की “धोखेबाजी, चालों और साजिशों” का शिकार हो रही है, जो इसका पतन चाहते हैं।
‘अल्लाह के दुश्मनों’ के खिलाफ तैयार रहने का आह्वान
अपने बयान को और आक्रामक बनाते हुए आसिम मुनीर ने कहा कि मुसलमानों को पूरी ताकत के साथ तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा, “हमें, मुसलमानों के तौर पर, यह कहा गया है कि हम अपनी पूरी क्षमता के साथ उन लोगों के दिलों में दहशत पैदा करने के लिए तैयार रहें, जो अल्लाह के दुश्मन हैं—हमारे दुश्मन हैं—और जिन्हें हम नहीं जानते, लेकिन अल्लाह जानता है।”
पाकिस्तान को बताया ‘तकनीकी रूप से सक्षम’
मुनीर ने यह भी दावा किया कि मुस्लिम देश कमजोर इसलिए हो रहे हैं क्योंकि अन्य देशों ने उनसे तकनीक चुरा ली है। इस बीच उन्होंने पाकिस्तान को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश करते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास हर जरूरी उपकरण और तकनीक मौजूद है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान से आपको जो भी सहायता चाहिए, वह आपके दरवाजे पर उपलब्ध होगी।”
आर्थिक हकीकत से उलट बयान
मुनीर का यह दावा ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अरबों डॉलर के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए मुनीर के ये बयान वास्तविकता से परे और भड़काऊ हैं।




