उत्तर प्रदेशराज्य

रिफॉर्म से रफ्तार: उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद

अशोक लीलैंड के नए प्लांट के उद्घाटन से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत। डी-रेगुलेशन सुधार, सिंगल विंडो सिस्टम और श्रम सुधारों से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में लागू किए गए व्यापारिक और नीतिगत सुधार अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं। कारोबार शुरू करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाने, तय समय-सीमा में अनुमतियां देने और डिजिटल सिस्टम लागू करने का असर यह हुआ है कि बड़े उद्योग अब यूपी को निवेश के लिए प्राथमिक गंतव्य मान रहे हैं। इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया।

लखनऊ में प्लांट, यूपी की बदली औद्योगिक पहचान

लखनऊ में इस प्लांट की शुरुआत से न सिर्फ प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी गया है कि उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे भरोसेमंद निवेश स्थलों में शामिल हो चुका है। इस इकाई से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, आसपास के एमएसएमई, छोटे उद्योग और सप्लाई चेन को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

डी-रेगुलेशन 1.0 में यूपी नंबर-1

केंद्र सरकार के “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है। राज्य में भूमि, भवन, निर्माण, श्रम, पर्यावरण अनुमति और बिजली–पानी जैसे 23 प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं। फ्लेक्सिबल ज़ोनिंग, डिजिटल लैंड यूज़ परिवर्तन, जीआईएस लैंड बैंक और ऑनलाइन अनुमोदन जैसी व्यवस्थाओं ने पुरानी जटिलताओं को समाप्त कर दिया है।

श्रम और पर्यावरण सुधारों से उद्योगों को राहत

श्रम सुधार इस बदलाव की अहम कड़ी बने हैं। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति, कार्य घंटों में लचीलापन और तृतीय-पक्ष प्रमाणीकरण ने उद्योगों के संचालन को आसान किया है। वहीं पर्यावरण और अन्य लाइसेंसों की ऑनलाइन प्रक्रिया से अनावश्यक देरी खत्म हुई है। बिजली और पानी के कनेक्शन भी अब तेजी से उपलब्ध हो रहे हैं।

नीति आधारित निवेश गंतव्य बना यूपी

इन सुधारों का असर अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि नए कारखानों, उत्पादन और रोजगार के रूप में धरातल पर दिखाई दे रहा है।

“उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार अधिनियम, 2025” और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम ने इस व्यवस्था को और मजबूत किया है। अशोक लीलैंड का नया प्लांट इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब स्थिर, पारदर्शी और भरोसेमंद निवेश गंतव्य बन चुका है।

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