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सर्दी-जुकाम ने बच्चों को घेरा? ये घरेलू नुस्खे तुरंत दिलाते हैं राहत

सर्दियों के आते ही बच्चों में सर्दी–जुकाम की समस्या बढ़ जाती है। बड़े तो खुद का ध्यान रख लेते हैं, लेकिन ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर दिखाई देता है।

सर्दियों के आते ही बच्चों में सर्दी–जुकाम की समस्या बढ़ जाती है। बड़े तो खुद का ध्यान रख लेते हैं, लेकिन ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर दिखाई देता है। ऐसे में माता–पिता घबराने के बजाय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें, जिससे बच्चों को राहत मिल सके।

स्टीम देना सबसे कारगर उपाय

  • सर्दी–जुकाम की स्थिति में बच्चे को दिन में 2–3 बार स्टीम देना लाभकारी है।
  • हर बार लगभग 5 मिनट तक स्टीम दें।
  • डॉक्टर की सलाह हो तो स्टीम वाले पानी में एक कैप्सूल भी मिला सकते हैं।
  • छोटे बच्चों को स्टीम देते समय अतिरिक्त सावधानी
  • यदि बच्चा छोटा है, तो उसे गोद में बिठाकर स्टीम दें।
  • बड़े बच्चों को स्टीम देते समय आप उनके पास बैठें।
  • यदि बच्चा सो रहा हो, तब भी स्टीमर चलाकर हल्की स्टीम दी जा सकती है, लेकिन उसे कभी अकेला न छोड़ें, जलने का खतरा रहता है।

स्टीमर न हो तो भी ऐसे दें स्टीम

यदि स्टीमर उपलब्ध न हो—

  • बाथरूम में गीजर चलाकर पानी गर्म करें।
  • दरवाजा बंद कर दें और नल चलने दें ताकि पूरा बाथरूम स्टीम से भर जाए।
  • बच्चे को स्टीम देते समय उसे टैप से दूर रखें ताकि गर्म पानी की छींटों से कोई नुकसान न हो।

नाक बंद होने पर करें एस्पिरेटर का उपयोग

  • यदि स्टीम देने के बाद भी नाक बंद हो और डॉक्टर ने सलाह दी हो, तो एस्पिरेटर (नाक साफ करने वाली मशीन) का प्रयोग किया जा सकता है।
  • हर उपयोग के बाद इसे अच्छी तरह धोकर उबलते पानी में कुछ देर रखें, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

तरल पदार्थ देना न भूलें

  • सर्दी–जुकाम में बच्चों को पर्याप्त गुनगुना पानी और तरल पदार्थ देते रहें।
  • ध्यान रखें कि पानी ठंडा न हो।
  • सर्दियों में बच्चे अक्सर पानी कम पीते हैं, इसलिए नियमित अंतराल पर पानी पिलाते रहें।

बच्चों को रखें गर्म और सुरक्षित

  • बच्चों को उचित गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
  • सुबह और शाम बाहर ले जाने से बचें।
  • यदि बाहर जाना ज़रूरी हो, तो उन्हें सिर से पैर तक अच्छी तरह कवर करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

  • यदि दो–तीन दिनों तक स्टीम देने और देखभाल के बावजूद
  • सर्दी ठीक न हो,
  • खांसी बढ़ जाए, या
  • बच्चा बहुत असहज महसूस करे,
  • तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

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