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सुप्रीम कोर्ट में अनिल अंबानी का हलफनामा, कहा– मिलॉर्ड, नियमों का करूंगा पालन

अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि वे अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाएंगे और RCOM बैंक फ्रॉड मामले की जांच में ED व CBI का पूरा सहयोग करेंगे। 31,580 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की SIT जांच के आदेश दिए गए हैं।

मुंबई. देश के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक हलफनामा दायर कर आश्वासन दिया है कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएंगे। साथ ही उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

PIL के जवाब में दाखिल किया हलफनामा

यह हलफनामा ईएएस सरमा द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है। इससे पहले 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के उस बयान को रिकॉर्ड में लिया था, जिसमें कहा गया था कि अंबानी बिना अदालत की अनुमति के विदेश यात्रा नहीं करेंगे। अब इसे औपचारिक रूप से हलफनामे के जरिए रिकॉर्ड पर रखा गया है।

जुलाई 2025 से विदेश यात्रा नहीं

अनिल अंबानी ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि जांच शुरू होने के बाद से वे जुलाई 2025 से भारत से बाहर नहीं गए हैं और फिलहाल विदेश जाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर वे अदालत से अनुमति लेकर ही यात्रा करेंगे।

जांच एजेंसियों को सहयोग का भरोसा

हलफनामे में कहा गया है कि उन्हें ED द्वारा समन जारी किया गया है और वे तय तारीख पर जांच में शामिल होंगे। साथ ही यह भी बताया गया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत उनकी जांच जारी है।

31,580 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड का आरोप

याचिका के अनुसार RCOM और उसकी सहायक कंपनियों — रिलायंस इन्फ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम — ने 2013 से 2017 के बीच SBI के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से 31,580 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फोरेंसिक ऑडिट में आरोप लगाया गया है कि —

  • फंड का दुरुपयोग किया गया
  • संबंधित पक्षों को ट्रांसफर किया गया
  • म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश हुआ
  • कर्ज छिपाने के लिए सर्कुलर रूटिंग की गई

बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच

याचिकाकर्ता का दावा है कि CBI की FIR और ED की कार्रवाई पूरे मामले का केवल एक हिस्सा है और बैंक अधिकारियों व नियामकों की भूमिका की पूरी जांच नहीं हुई है।

SIT गठित करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने ED को इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया था। साथ ही CBI को कथित घोटाले में बैंक अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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