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फोटो विवाद में आक्रामक रुख: कफ सिरप आरोपियों पर अखिलेश यादव का पलटवार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कफ सिरप विवाद को लेकर भाजपा पर हमला बोला। बुलडोजर कार्रवाई, कोडीन मामला, पर्यावरण और किसान नीतियों पर सवाल उठाए, साथ ही भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई।

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने साथ दिख रहे एक व्यक्ति को कफ सिरप मामले में वांछित बताए जाने पर भाजपा पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर तस्वीरों में दिख रहे लोग सपाई हैं, तो सभी के घर बुलडोजर चलवा दिए जाएं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “कालीन भैया, कोडीन भैया—सभी के यहां बुलडोजर चले।”

‘मेरी तस्वीर सीएम और डिप्टी सीएम के साथ भी है’

सपा प्रमुख ने कहा कि अगर उनके साथ खड़ा कोई व्यक्ति माफिया है, तो उनकी तस्वीरें मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ भी मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी दूसरों पर लगातार आरोप लगाती है और झूठ फैलाती है।

शेरो-शायरी से भाजपा पर तंज

अखिलेश यादव ने शेरो-शायरी के जरिए भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—
“अपना चेहरा न पोछा गया आपसे,
आईना बेवजह तोड़ कर रख दिया।
यही कसूर है कि अपनों को बचाते रहे,
और दूसरों पर इल्जाम लगाते रहे।”

कोडीन मामले से लेकर आईपीएस प्रकरण तक सवाल

  • पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि अगर कोडीन मामले की स्टोरी को फॉलो किया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 136 जिलों में एक से अधिक एफआईआर दर्ज हैं।
  • पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि जब वे पुलिस के सामने पत्रकारों से कुछ कहना चाहते थे, तो पुलिस ने सीटी बजानी शुरू कर दी।
  • उन्होंने आजम खां पर दर्ज मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इसी तरह कई नेताओं पर लगातार मुकदमे लगाए गए।

पर्यावरण और किसान नीतियों पर सरकार पर हमला

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पर्यावरण को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं है और उद्योगपतियों के हित में कोई भी फैसला ले सकती है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में किसानों से ज्यादा फायदा बीमा कंपनियों को हो रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार स्वजातीय लोगों पर कार्रवाई नहीं करती।

सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाए जाने की अपनी पुरानी मांग को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पूर्व सैनिकों और 1962 के भारत-चीन युद्ध के दिग्गजों को सम्मानित करने के बाद अखिलेश ने केंद्र सरकार से देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में, और मिलिट्री स्कूल खोलने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर अन्य समुदायों की रेजिमेंट की मांगें हैं, तो उन्हें भी सामने लाया जाना चाहिए।

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