छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Cold Wave: छत्तीसगढ़ में सर्दी चरम पर; 18 जिलों में शीतलहर, अंबिकापुर 3.5°C पर जमा

Chhattisgarh Cold Wave: 18 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट, अंबिकापुर 3.5°C और रामानुजगंज 1°C तक पहुंचा तापमान। जानें शीतलहर की वजह और अगले दो दिनों का मौसम हाल।

Chhattisgarh Cold Wave: रायपुर. छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिए हैं। हिमालय की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के बड़े हिस्से में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 18 जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान और गिर सकता है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

सरगुजा सबसे ज्यादा प्रभावित, 1 डिग्री तक पहुंचा तापमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सरगुजा संभाग इस समय सबसे अधिक प्रभावित है।

  • अंबिकापुर: न्यूनतम तापमान 3.5°C
  • रामानुजगंज (बलरामपुर): रात का तापमान 1 से 2°C के बीच

खुले खेतों और पराल पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमती देखी गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर साफ नजर आया।

दिन में भी राहत नहीं, रातें और सर्द

पिछले 24 घंटों में दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.4°C दर्ज किया गया, जबकि अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में भी गिरावट आई है।

ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रातें ज्यादा सर्द हो रही हैं, जिससे सुबह और देर शाम लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है।

सिनोप्टिक सिस्टम के चलते क्यों बढ़ी ठंड?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ हिमालय से ठंडी हवाओं को दक्षिण की ओर धकेल रहा है तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा रही है

इसे ऐसे समझा जा सकता है— जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला हो और पंखा चलने लगे, तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है। यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंड को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है।

यात्री प्रतीक्षालय में ठंड से मौत की आशंका

ठंड का मानवीय असर भी सामने आया है। 7 जनवरी को कोरबा जिले के सरई सिंगार निवासी हरप्रसाद भैना (55) की मौत की आशंका ठंड लगने से जताई गई है।

उनका शव कसईपाली के यात्री प्रतीक्षालय में मिला। बताया गया कि वे छठी कार्यक्रम से लौटते समय थकान के कारण वहीं सो गए थे। सुबह शव मिलने पर पुलिस ने ठंड से मौत की संभावना जताई है।

  • प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
  • रात में खुले स्थानों पर न रुकने की अपील
  • शहरी व ग्रामीण इलाकों में रैन बसेरे और अस्थायी आश्रय दुरुस्त करने के निर्देश

आगे क्या?

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने पर हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ को सर्दी की इस कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

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