सरकार की योजना बनी सहारा! सुदूर कुर्रा गांव में रतिराम का बदला हुआ जीवन
किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक मूल्य तभी सिद्ध होता है, जब उसका लाभ ज़मीनी स्तर पर आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाए।

रायपुर. किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक मूल्य तभी सिद्ध होता है, जब उसका लाभ ज़मीनी स्तर पर आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाए। ऐसी ही एक सशक्त पहल है प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), जिसका प्रभाव रायगढ़ जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इस योजना के तहत लैलूंगा विकासखंड के सुदूर ग्राम कुर्रा के निवासी श्री रतिराम बिरहोर का वर्षों पुराना सपना—पक्का और सुरक्षित आवास—साकार हुआ है।
कच्चे मकान से पक्के घर तक का सफर
बरसों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर रतिराम और उनका परिवार बरसात, ठंड और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच जीवन-यापन कर रहा था। पीएम-जनमन योजना के तहत जब उन्हें आवास की स्वीकृति मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ, तो परिवार को एक नई उम्मीद मिली। निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और पक्के घर में प्रवेश का वह पल रतिराम और उनके परिवार के लिए अविस्मरणीय बन गया।
पीएम-जनमन ने दिलाया सुरक्षा के साथ आत्मसम्मान
नया पक्का घर सिर्फ एक छत नहीं, बल्कि रतिराम के जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान भी लेकर आया है।
रतिराम का कहना है कि पहले जिस घर में रहना उनकी मजबूरी थी, आज उसी की जगह पक्के मकान में रहना उन्हें गर्व की अनुभूति कराता है। अब उनका परिवार सुरक्षित माहौल में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है।
जनजातीय समुदायों के लिए महत्त्वाकांक्षी मिशन
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू की गई पीएम-जनमन योजना, विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्त्वाकांक्षी मिशन है। इस अभियान का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक—
- आवास
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- स्वच्छ पेयजल
- बिजली
- आजीविका
और संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँचाना है।
सिर्फ योजना नहीं, भरोसे की पहचान बन चुकी पीएम-जनमन
आज पीएम-जनमन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के लिए न्याय, समानता और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है।
ग्राम कुर्रा के रतिराम बिरहोर की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं सही ढंग से लागू होती हैं, तो वे सिर्फ लोगों की तस्वीर ही नहीं, तकदीर भी बदल देती हैं।




